ललितपुर। शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए आरएपीडीआरपी (रिस्ट्रक्चर्ड एक्सीलिरेटेड पावर डेवलपमेंट रिफार्म प्रोग्राम) योजना के तहत 18 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन अब तक शहर की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। योजना का कार्य अब भी कहीं अधूरा पड़ा है या फिर महीनों पूर्व लगाई लाखों रुपये की मशीनें सब स्टेशनों पर ही शोपीस बनी हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा शहर की बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने और विद्युत चोरी रोकने एवं ओवरलोड की समस्या समाप्त करने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व आरएपीडीआरपी योजना के तहत 18 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत ढांचे को बदला गया। इस कार्य का जिम्मा आगरा की पावरटेक कंपनी को सौंपा गया था। इस योजना में खुले एलटी लाइन के तारों को हटाकर 117 किलोमीटर काली रबड़ युक्त बंच केबल बिछाई गई। पुरानी खुली हाइटेंशन लाइन भी हटाकर 17.50 किलोमीटर बंच डाली गई।
गल्ला मंडी विद्युत सब स्टेशन पर पुरानी ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनों को हटाकर नई प्रणाली की वैक्यूम आधारित नई वीसीबी मशीनें लगाई गई, ताकि मशीनों की ट्रिपिंग समस्या और सुचारु विद्युत आपूर्ति की जा सके। कंपनी द्वारा सब स्टेशनों पर कंट्रोल पैनल लगाए गए, जिससे उस सब स्टेशन के अंतर्गत कहीं भी हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट पर तार टूटने पर या तार जमीन पर गिरने की जानकारी को पता लग सकता है। वहीं, गल्ला मंडी, नझाई बाजार व बाईपास सब स्टेेनों पर यार्ड में 33 केवी सस्टिम के उच्च ट्रांसफार्मरों से पूर्व सर्किट ब्रेकर का पूरा ढांचा तैयार कर करीब छह माह पूर्व स्थापित कर दिया गया है, लेकिन इस पैनल को अब तक ट्रांसफार्मरों से नहीं जोड़ा जा सका है।
इसके चलते करीब एक करोड़ रुपये की लागत के यह पैनल मात्र शोपीस बने हुए हैं। इसमें उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों को आकाशीय बिजली से बचाने के लिए लाइनिंग अरेस्टर भी लगाए गए हैं। जबकि शहर में ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न गली-मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर 85 नए ट्रांसफार्मर भी स्थापित कराए गए हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शहर में अब तक कंपनी द्वारा इस योजना के तहत किया गया कोई भी कार्य पूरा नहीं किया जा सका है और न ही अब तक विद्युत विभाग को उक्त किए कार्य को बिजली विभाग को ही पूरी तरह हैंडओवर किया गया है। कहीं लाइन चार्ज नहीं की गई, तो सब स्टेशनों पर सर्किट ब्रेकरों का काम अधूरा है। ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड की समस्या अब भी बनी हुई है। विद्युत चोरी के मामले भी पकड़े जा रहे हैं, ओवरलोड भी चल रहा है। ट्रांसफार्मर भी खराब हो रहे हैं। ऐसे में 18 करोड़ खर्च के बाद शहर की बिजली व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आ सकी है।
ओवरलोड का आंकलन किए बिना ही रख दिए ट्रांसफार्मर
ललितपुर। आरएपीडीआरपी योजना के तहत शहर में ओवरलोड की समस्या के निस्तारण के लिए कंपनी द्वारा 85 ट्रांसफार्मर स्थापित कराए तो गए, लेकिन कंपनी द्वारा बहुत से ऐसे स्थानों पर भी ट्रांसफार्मर लगा दिए, जहां ओवरलोड की समस्या नहीं है, बल्कि पूर्व से स्थापित ट्रांसफार्मर भी अंडरलोड चल रहे हैं। शहर में ईदगाह, तुवन मंदिर, आजादपुरा, पंजाब नेशनल बैंक के पास आदि स्थानों पर ओवरलोड नहीं होने के बाद भी बिना आंकलन के ही ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए गए, जबकि बहुत से स्थानों पर अब भी ओवरलोड चल रहा है, लेकिन उन स्थानों पर ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किए जा सके हैं।
इनका कहना है
कंपनी द्वारा कराए गए कार्यों की जांच कराई जा रही है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कंपनी को उसे सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे।
- अखिलेश कुमार वर्मा, एसडीओ विद्युत