ललितपुर। जिले के राजकीय हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। यहां 18 हाईस्कूल विद्यालय इंचार्ज प्रधानाध्यापकों के सहारे संचालित हैं। वहीं, स्वीकृत पदों 246 के सापेक्ष 41 सहायक अध्यापकों की ही नियुक्ति हो सकी है। इस तरह अभी भी 205 शिक्षकों की रिक्त बनी हुई है। इससे इन विद्यालयों के संचालन की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के आसपास राजकीय हाईस्कूल खोले जा रहे हैं। इस क्रम में जनपद में अब तक 31 राजकीय हाईस्कूल विद्यालयों को खोला जा चुका है लेकिन इन विद्यालयों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। करीब 18 स्कूल इंचार्ज के सहारे संचालित किए जा रहे हैं। कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जिनमें राजकीय इंटर कॉलेज के कुछ शिक्षकों को संबद्ध किया गया है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो राजकीय हाईस्कूलों में 246 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। बीते दिनों जिले को 41 नवीन सहायक अध्यापक आवंटित हुए हैं, इनमें से 22 नवीन अध्यापकों ने अभिलेखों की जांच करवाकर पदभार ग्रहण करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वर्तमान में 205 सहायक अध्यापकों के पद अभी भी रिक्त बने हुए हैं। वहीं, स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की कमी बनी हुई है। 31 में से 15 स्कूलों में प्रधानाध्यापक तैनात थे, इनमें से 2 प्रधानाध्यापक सेवानिवृत्त हो गए हैं। स्कूलों में 13 प्रधानाध्यापक ही नियुक्त रह गए हैं। जिले में 7 राजकीय इंटर कॉलेज एवं 31 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। राजकीय इंटर कॉलेजों में भी कई अध्यापकों की कमी बनी हुई है।
डायट प्राचार्य का भी पद रिक्त
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्राचार्य का पद रिक्त चल रहा है। वर्तमान में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक झांसी के पास इसका अतिरिक्त प्रभार है। वहीं, शहर के प्रमुख इंटर कॉलेजों में भी प्रधानाचार्य के पद रिक्त बने हुए हैं।
जिले के राजकीय हाईस्कूलों में 41 नवीन सहायक अध्यापकों का आवंटन हुआ है। इनमें 22 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच हो सकी है। स्कूल में रिक्त पदों की सूचना समय-समय शासन को भेजी जाती है।
रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक