रूट पर दो बसों के परमिट पर चल रही एक
ललितपुर। रूट पर दो बसें चलाने का परमिट होने के बाद भी एक ही बस चल रही है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
यातायात की सुविधा के लिए परिवहन विभाग की ओर से जिले में लगभग 165 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी बसों का आवागमन हो रहा है। बसें ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाई जा रही हैं। इसके अलावा एक दर्जन परिवहन निगम की बसें भी चल रही हैं। जो झांसी से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाई जा रही हैं। इनमें निजी बसों के लिए तय समय पर अलग-अलग परमिट जारी किए हैं। नियमत : एक बस के लिए एक ही परमिट जारी किया गया है लेकिन, यहां पर दो परमिट पर एक बस चलाई जा रही है। यह बस आपरेटर एक परमिट के रूट से चलकर दूसरे परमिट के रूट पर समय से पहुंचने के लिए सवारियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। क्योंकि, यह तेज रफ्तार से बस चलाते हैं। कुछ बसें तो एक रूट पर पूरी नहीं जा रही हैं। हालत यह है कि दोनों परमिट के आधे-आधे रूट पर बस चलाई जा रहीं है जिससे कई सड़कों पर दिन में एक ही बस नजर आती है। सवारियों को घंटों इंतजार के बाद इसी बस में ठस कर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में अधिक गति से बस को चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है।
झांसी रूट पर हैं सर्वाधिक बसें
झांसी- ललितपुर रूट पर दो परमिट पर एक बस चलाने का खेल सबसे अधिक हो रहा है। दरअसल, इस रूट पर बस आपरेटरों को मोटी कमाई होती है। यदि परमिट के अनुसार बसें चलाएंगे तो इनकी कमाई आधी हो जाएगी। इसलिए सभी आंखें बंद कर इसी रूट पर सर्वाधिक बसें दौड़ा रहे हैं।
कई बार हो चुकी दुर्घटनाएं
बीते माह कोतवाली तालबेहट अंतर्गत ग्राम बम्हौरीसर के पास बाईपास रोड पर एक बस व डंपर की भिड़ंत हो गई थी जिसमें कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई थी। साथ ही अन्य सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। बाद में कुछ सवारियों की भी मौत हो गई थी। पिछले वर्ष शहर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला घुसयाना में एक बस ने राहगीर को रौंद दिया था। इसमें राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके साथ ही चुटहिल व अन्य दुर्घटनाओं आए दिन होती रहती हैं।
दो परमिट पर एक बस चलाने का मामला संज्ञान में आया है। इस बस की संचालन मार्ग पर जांच की जाएगी, जिसमें गलत परमिट पर संचालित होने पर वाहन को सीज कर कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी