फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पदस्थापना में व्याप्त विसंगति को किया जाए दूर

विज्ञापन
विज्ञापन
विसंगति को किया जाए दूर
विज्ञापन

ललितपुर। शुक्रवार को संघर्ष समिति उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक ज्ञापन दिया। जिसमें परिषदीय शिक्षकों व अनुदेशकों के वेतन एवं मानदेय के भुगतान एवं पदस्थापना में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग की है।
विज्ञापन

समिति अध्यक्ष संतोष कुमार रजक ने कहा कि वर्ष 2004 के बाद कार्यरत परिषदीय शिक्षकों के बैंक खाते में जो अंश राज्य सरकार द्वारा भेजा जाता है, वह मई 18 से नहीं भेजा गया है। अध्यापकों के वेतन से धनराशि काट दी गई है, वह भी एनपीएस अकाउंट में प्रदर्शित नहीं हो रही है, जिससे अध्यापकों में भ्रम की स्थिति बनी गई है। समिति के मंत्री हेमंत तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के वेतन से काटी गई धनराशि उनके खाते में प्रदर्शित नहीं होने से उस पर सही तरीके से ब्याज का आंकलन भी नहीं हो पा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत अनुदेशकों का मानदेय भी विगत चार-पांच माह से नहीं भेजा गया है। अध्यापकों के वेतन एवं वित्तीय भुगतान के संबंध में विसंगतियां अक्सर बनी रहती हैं। नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों की सीधीरुयुक्ति का कोई प्रावधान नहीं है, पूर्व के शासनादेशों के क्रम में ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के वरिष्ठतम सहायक अध्यापकों से आवेदन लेकर उन्हें वरीयता के आधार पर नगर क्षेत्र के विद्यालयों में समायोजित किया जाता रहा है। यह प्रक्रिया वर्ष 2011 के बाद से अमल में नहीं लाई गई है। इससे नगर क्षेत्र में शिक्षकों की कमी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें