भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत पांच को डकैती में दस साल की सजा
- सात साल पूर्व न्यायालय में दर्ज हुआ था डकैती का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। थाना महरौनी के अंतर्गत सैदपुर गांव में सात वर्ष पूर्व डकैती के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष दीवान विक्रम सिंह समेत पांच अभियुक्तों को दस-दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। दीवान विक्रम सिंह साल 2007 से 2009 तक बीजेपी के जिलाध्यक्ष रहे थे।
सैदपुर गांव निवासी काशीराम ने कोर्ट में लिखाए गए परिवाद में बताया था कि 25 नवंबर 2011 को दिन में तीन बजे जब वह घर से साइकिल से एक बोरी खाद लेकर खेतों की ओर जा रहा था। तालाब के पास स्थित मंदिर के पास पहुंचा तो सैदपुर निवासी मुन्ना पुत्र मथुरा, पप्पू उर्फ अनंदी पुत्र मथुरा, रामदास पुत्र मुन्ना, मुन्ना का छोटा पुत्र भज्जू व ग्राम प्रधान विक्रम सिंह कुल्हाड़ी से लैस होकर उसे मां-बहनों की गालियां देने लगे। उन्होंने लात- घूसों व लाठी- कुल्हाड़ी से उसे मारापीटा। जब उसकी मां अस्तौनवारी, पिता रामचरन व पुत्री रजनी बचाने आईं तो उनको भी मारापीटा गया। मौके पर राकेश, जगदीश बम्हौरी व अन्य लोगों ने आकर देखा और बचाया, तो उक्त लोगों ने उसकी जेब से पांच हजार रुपये और खाद की बोरी छीन ली। साइकिल तोड़ दी। सभी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसकी मां ने थाने पर सूचना दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। डॉक्टरी नहीं कराई गई। जब कार्रवाई नहीं हुई तो काशीराम ने न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया।
सोमवार को न्यायालय मेें पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने ग्राम सैदपुर निवासी व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीवान विक्रम सिंह, मुन्ना, पप्पू उर्फ अनंदी, रामदास एवं भज्जू को डकैती की धारा 395 में दोषी पाते हुए सभी को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास एवं दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने की। दीवान विक्रम सिंह साल 2007 से 2009 तक बीजेपी के जिलाध्यक्ष रहे थे।