धड़ल्ले से चलते रहेगें अमान्य विद्यालय
ललितपुर।
जनपद में कक्षा एक से कक्षा आठवीं तक गैर मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों की भरमार है। पूरा सत्र बीत गया है, लेकिन शासन के बार-बार निर्देशन के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी द्वारा एक भी अमान्य विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ माह पूर्व बार व मड़ावरा खंड शिक्षा अधिकारी ने क्षेत्र में संचालित हो रहे 24 अमान्य विद्यालयों को चिह्नित कर बीएसए को सूची सौंपी थी, इसके बावजूद अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदेश में नई सरकार बनते ही परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई थी। बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों को बंद कराने के लिए शासन द्वारा पिछले शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित हो रहे अमान्य विद्यालयों को चिह्नित कर उन्हें बंद कराने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। पूरा सत्र बीत गया है और नया शैक्षिक सत्र भी शुरू हो गया है, लेकिन स्थानीय बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा पूरे सत्र में एक भी अमान्य विद्यालय के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा नहीं है कि जनपद में अमान्य विद्यालय संचालित नहीं हो रहे हैं। करीब पांच माह पूर्व विकासखंड बार व मड़ावरा के खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में संचालित हो रहे अमान्य विद्यालयों को चिह्नित कर उनकी सूची भी तैयार की थी। बार ब्लॉक क्षेत्र में छह और मड़ावरा क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित हो रहे 18 विद्यालयों की सूची तैयार की गई थी। नवीन सत्र भी शुरू हो गया है, लेकिन इन पांच महीनों में अधिकारियों द्वारा अभी तक इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ न तो अभी तक कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही शासन के निर्देशन के क्रम में इनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज कराई गई है। जनपद में बिना मान्यता के संचालित हो रहे यह अमान्य निजी विद्यालय अभिभावकों की जेब पर हर साल डाका डाल रहे हैं और बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए इन अमान्य विद्यालयों पर कार्रवाई करने की जगह उन पर महरबान बने हुए और संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।
अन्य खंड शिक्षा अधिकारियों ने नहीं सौंपी सूची
अभी तक केवल विकासखंड बार व मड़ावरा क्षेत्र के ही खंड शिक्षा अधिकारियों ने ही अपनेे-अपने क्षेत्र के अमान्य विद्यालयों को चिह्नित कर सूची विभाग में सौंपी है। बकाया विकास खंडों बिरधा, जखौरा, महरौनी व ताबलेहट और नगर क्षेत्र में संचालित अमान्य विद्यालयों को चिह्नित कर उनकी सूची अभी तक तैयार नहीं की गई है। इन खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा शासन के निर्देशों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है, वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी उन पर कोई सख्त रुक नहीं अपना रहे हैं।
यह है मान्यता के मानक
कक्षाओं का संचालन करने के लिए पांच कमरे 180 वर्ग फीट के होने चाहिए। तीन कमरे स्टाफ रूम, प्रधानाचार्य कक्ष व स्टोर रूम के लिए होने चाहिए। सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन, पांच हजार रुपये की एफडी, दो हजार का बैंक ड्राफ्ट, अग्निशमन प्रमाण पत्र, भूकंप रोधी प्रमाण पत्र, पांच प्रशिक्षित टीचर्स के प्रमाण पत्र, पुस्तकों की सूची, विज्ञान सामग्री सूची, क्रीड़ा सामग्री, जमीन बैनामा संबंधी दस्तावेज आदि होना जरूरी है। हिंदी मीडियम के स्कूलों के लिए खेल मैदान की अनिवार्यता नहीं है, लेकिन अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों के लिए यह अनिवार्य है।
कार्रवाई के लिए बीएसए के निर्देशों का इंतजार
सूची सौंपने वाले दोनों ही खंड शिक्षा अधिकारियों बार खंड शिक्षा अधिकारी बीएन दैपुरिया और मड़ावरा खंड शिक्षा अधिकारी रामगोपाल वर्मा का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में संचालित अमान्य विद्यालयों की सूची जिला मुख्यालय को सौंप दी है। अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या फिर जिला प्रशासन के जो निर्देश होंगे उसके अनुपालन में कार्रवाई की जाएगी।
निश्चित रुप से कार्रवाई की जाएगी
जनपद में बिना मान्यता के संचालित होने वाले विद्यालयों के खिलाफ जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ मिलकर शासन व जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। नवीन सत्र में सभी अमान्य विद्यालयों को बंद कराया जाएगा।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।