धानुक समाज के लोगों ने की डीजे बंद करने की मांग
जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताई बेरोजगारी की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिरों, मस्जिदों में माइक या लाउडस्पीकर को बजाने के लिए बिना अनुमति के चलने पर रोक के आदेश के बाद अब धानुक समाज ने भी इसे अपना हथियार बना लिया है और समाज के बेरोजगारों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर साउंड चुंगा, डीजे पर प्रतिबंध की मांग की है।
धानुक समाज के लोगों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया है कि शहर में डीजे रोड शो की धमक से बाल बहरापन, दिल का दौरा, छात्र मानसिक संतुलन खराब व कई मानव बीमारियों के फैलने की संभावना बनी रहती है। धानुक समाज का पुस्तैनी धंधा बैंड, संगीत कला, परेड, ढोल, ताशा कलाकारी का है, डीजे के कारण जिले में करीब 50 हजार लोग बेरोजगारी की कगार पर हैं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई परिवार तो भुखमरी की कगार पर हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर अधिक आवाज वाले डीजे व साउंड चुग्गा पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन पर भरतलाल, राजेश, कैलाश, हीरालाल, सुनील कुमार, महेश कुमार बरार, आशाराम, ढोल वाले, शिवप्रसाद, घनश्याम, सुरेश, भूपेंद्र, गोरेलाल, रामप्रसाद, प्रकाश चंद्र, हरीराम, रामसेवक आदि के हस्ताक्षर हैं।