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खुले विद्युत तारों से जिले में पचास फीसदी से अधिक बिजली चोरी

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खुले विद्युत तारों से जिले में पचास फीसदी से अधिक बिजली चोरी
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ललितपुर। खुले में बिछाए गए विद्युत तारों पर कटिया डालकर जिले में पचास फीसदी से अधिक बिजली चोरी हो रही है। देहात क्षेत्र में इस महीने ही करीब ढाई सौ से अधिक बिजली चोरी के केस पकड़े गए हैं। हालांकि शहर और टाउन क्षेत्रों में बंच केबल के साथ ही विद्युत मीटर भी बाहर लगाने का कार्य सत्तर फीसदी से अधिक कार्य हो चुका है। इसके बाद भी बिजली चोरी के मामले कम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बंच केबल बिछाकर बिजली चोरी रोकना विद्युत विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी।
विद्युत विभाग द्वारा जिला में बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार तमाम कोशिशें और नई योजनाएं लागू की गई हैं। इसमें सबसे पहले शहरी क्षेत्र में शत प्रतिशत बंच केबल बिछाने और सब स्टेशनों पर आधुनिक उपकरण लगाकर विद्युत आपूर्ति सुधारने की आरएपीडीआपी योजना शुरू की गई। 18 करोड़ रुपये की यह योजना शहर के करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पूरी हो चुकी है, लेकिन शहर में अब भी कई किलोमीटर क्षेत्रों में विद्युत बंच केबल का कार्य पूरा नहीं हो सका है। वहीं शहर में स्थापित तीन विद्युत सब स्टेशनों पर अब भी करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए विद्युत सुधारीकरण को लगाए गए विद्युत उपकरण और छोटे ट्रांसफार्मरों पर लगाए गए हाईरीडिंग विद्युत मीटर शोपीस बने हुए हैं। वहीं ग्रामीण टाउन क्षेत्र महरौनी व पाली में भी कई क्षेत्रों में बंच केबल का कार्य पूरा नहीं हो सका है। साथ ही शहर में करीब तीन वर्ष से अधिक समय से पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने का कार्य चल रहा है, लेकिन अब भी पूरे क्षेत्र में मीटर नहीं लगाए जा सके हैं और मीटर या फिर अन्य तरीकों से बिजली चोरी पर रोक नहीं लगाई जा सकी है।
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ग्रामीण टाउन क्षेत्रों में आइपीडीएस योजना के तहत 32 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत चोरी रोकने और सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। लेकिन यहां भी विद्युत विभाग पूरी तरह से बिजली चोरी रोकने में नाकाम रहा है। वहीं तीनों विद्युत उपखंड कार्यालयों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में बिजली तारों से कटिया डालकर सबसे अधिक बिजली चोरी की जा रही है, जिसे विद्युत अधिकारी भी मान रहे हैं। इस महीने ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिरधा, पाली व जाखलौन क्षेत्र के अंतर्गत करीब 40, तालबेहट के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 46, महरौनी क्षेत्र अंतर्गत करीब 55 और बाईपास विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत करीब 50 विद्युत चोरी के मामले दर्ज कराए गए हैं। वहीं विद्युत अधिकारियों की मानें तो खुले में डले एललाइन के विद्युत तारों के माध्यम से पूरे जिले में करीब पचास से साठ फीसदी तक बिजली चोरी हो रही है, जिसे रोकने में विद्युत विभाग नाकाम रहा है। हालांकि विद्युत विभाग द्वारा उपखंड अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर अधिक विद्युत चोरी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में बंच केबल बिछाने के लिए स्टीमेट मांगा गया है। लेकिन अब ऊर्जा विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत चोरी रोकने लिए एरियल बंच केबल लगाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अब देखना होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बंच केबल बिछाने और बिजली चोरी रोकने में विभाग को कहां तक सफलता मिलती है।
नगर में इन क्षेत्रों में अब भी लगे हैं खुले विद्युत तार
रेलवे स्टेशन से देवगढ़ रोड, चुंगी तिराहे वाली गली, कपिल गेस्ट हाउस वाली, चुंगी तिराहे से वर्णी चौराहा, वर्णी चौराहा से गुरुनानक मार्केट, वर्णी चौराहा से पंजाब नेशनल बैंक तुवन मंदिर, पोस्ट ऑफिस से सुपर मार्केट, नदीपुरा क्षेत्र में आजादचौक से रघुनाथजी बड़ा मंदिर, आजाद चौक से सावरकर चौक, सावरकर चौक से कुछ क्षेत्र घंटाघर, नझाई बाजार विद्युत सब स्टेशन से जूता चप्पल मार्केट, नझाई सब स्टेशन से तालाबपुरा में नृसिंह मंदिर, चौबयाना में बूढ़े बब्बा मंदिर से बड़ा मंदिर और कुछ क्षेत्र गोविंदनगर एवं बड़ापुरा में भी बंच केबल नहीं बिछाई जा सकी है।
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इनका कहना है-
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुधार के लिए महरौनी टाउन में बंच केबल बिछाने का कार्य चल रहा है, जबकि मड़ावरा और बानपुर के कुछ क्षेत्रों में बंच बिछाई गई है। अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कटिया डालकर अधिक विद्युत चोरी वाले क्षेत्रों का चिन्हित कर खुुले में विद्युत तार हटाकर बंच केबल बिछाने के लिए स्टीमेट मांगा गया है। स्टीमेट पास होने पर बंच केबल बिछाई जाएगी। क्षेत्र में इस महीने 55 बिजली चोरी के केस पकड़े गए हैं।
सौरभ पटैरिया, उपखंड अधिकारी महरौनी।
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