भव्यता से होगा श्रीरामलीला का पचासवां मंचन
ललितपुर।
तालाबपुरा स्थित रामलीला मंच पर श्रीनृसिंह रामलीला समिति की एक बैठक का आयोजित रविवार का हुआ, जिसमें समिति ने रामलीला के पचासवें मंचन को भव्यता के साथ मनाए जाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस बार रामलीला मंचन के दौरान श्रीराम बारात भी भव्यता के साथ निकाली जाएगी। जो पूरे बुंदेलखंड में अपनी ऐतिहासिकता के लिए जानी जाएगी। बैठक में मुख्य संरक्षक भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि ललितपुर में पहली बार श्रीरामलीला का मंचन ब्रह्मलीन महंत श्यामदास की प्रेरणा से किया गया था, जिसके संस्थापक ब्रह्मलीन बब्बूराजा रोंडा व मार्गदर्शक ब्रह्मलीन सुंदरलाल वर्मा रहे। उन्होंने कहा कि रामलीला मंच पर रामलीला का मंचन गत 49 वर्षों से लगातार किया जाता रहा है और इस बार 50वीं रामलीला का मंचन भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए समिति द्वारा तैयारी की जा रही है। इस बार भी रामलीला में पहली बार भगवान श्रीराम की रामबारात पूरे शहर में भव्य रुप से निकाली जाएगी, जिसमें शहर में कई स्थानों पर भगवान राम के तिलक के साथ ही स्वागत किया जाएगा। सहसंरक्षक कैलाश यादव ने कहा कि ललितपुर की ऐतिहासिकता को बरकरार रखने में रामलीला का मंचन अब तक सफल रहा है। इस बार भी पूर्व की रामलीला से हटकर कुछ नया करके रामलीला को और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। समिति अध्यक्ष भवानी सिंह यादव ने कहा कि इस बार श्रीराम बारात में उज्जैन के ढोल तांसे, मथुरा की नृत्य पार्टी, सैरा पार्टी के साथ बघ्घियां आकर्षण का केंद्र होंगी। संचालन करते हुए रामगोपाल नामदेव ने कहा कि 17 सितंबर से शुरू होकर श्री रामलीला का मंचन एक अक्टूबर तक चलेगा। बैठक में महंत गंगादास, महंत काली कमली वाले, कांशीराम साहू, भरत पुरोहित, पवन जायसवाल, जगदीश प्रसाद, बीके अग्रवाल, शरद चौबे, पन्नालाल साहू, अजीय प्रताप सिंह तोमर, दिनेश बाबू श्रीवास्तव, मुन्ना कुशवाहा, रमेश यादव, अखिलेश कुमार, हरी सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव, जगदीश पाठक, कृष्णकांत तिवारी, देवी कुशवाहा, पंकज रायकवार उपस्थित रहे।