अमृतसर रेल हादसे से सबक नहीं ले रहा रेलवे
रेल पटरियों पर खड़े होने व पार करने से नहीं चूक रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुुर। अमृतसर रेल हादसे के बाद भी रेलवे प्रशासन चेत नहीं रहा है। ललितपुर स्टेशन व इसके आसपास की क्रासिंग पर राहगीर बेरियर खुलने का इंतजार नहीं करते हैं, जिस समय गाड़ी क्रासिंग पार करने वाली होती है, ठीक उससे कुछ समय पहले तक लोग रेल पटरी पर खड़े रहते हैं। ऐसे में हादसे की संभावना बनी रहती है।
दशहरे की शाम अमृतसर के जोड़ा फाटक पर रेल हादसा हो गया था, इसमें साठ यात्रियों की मौत हो गई थी। इस हादसे में हुई चूक को लेकर देश में चर्चा हो रही है। रेलवे ने भले ही इस मामले से पल्ला झाड़ लिया हो, लेकिन रेलवे प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अभी तक आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं। ऐसा ही नजारा ललितपुर स्टेशन व क्रासिंग पर देखा गया।
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दिन मंगलवार दोपहर 02 बजकर 22 मिनट स्थान ललितपुर स्टेशन
ललितपुर स्टेशन से अप लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। इस दौरान कुछ यात्री फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने की जगह रेल पटरी से सीधे गुजर रहे थे। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर दो से एक पर आने के लिए मालगाड़ी के खड़े होने की भी परवाह नहीं की। कुछ नीचे से निकले तो कुछ ने बोगी के बीच लगे हुक पर चढ़कर छलांग लगाई।
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दोपहर 02 बजकर 23 मिनट स्थान ललितपुर स्टेशन
दोपहर दो बजकर तेइस मिनट पर प्लेटफार्म नंबर दो से एक थ्रो गाड़ी अप लाइन से गुजरी और बीच में एक मालगाड़ी थी। इस दौरान जान हथेली पर लेकर कई यात्री रेल पटरी पार करते नजर आए।
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दोपहर 03 बजकर 02 मिनट स्थान- देवगढ़ क्रासिंग
दोपहर तीन बजकर दो मिनट पर देवगढ़ रेलवे क्रासिंग से अप लाइन से पंजाब मेल गुजरी। इस दौरान कई राहगीरों ने रेलवे क्रासिंग से ट्रेन के गुजरने का भी इंतजार नहीं किया और समीप में ही रेल पटरी पर गाड़ी आने के कुछ पहले तक खड़े रहे।
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दोपहर 03 बजकर 21 मिनट सिलगन रेलवे क्रासिंग
दोपहर तीन बजकर इक्कीस मिनट पर सिलगन रेलवे क्रासिंग रेलगाड़ी के आने का संकेत मिलने पर बैरियर लगा दिया गया। कुछ लोगों ने गाड़ी के आने का इंतजार करने की जगह अपनी बाइक बैरियर के नीचे से निकाल दी।
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प्रशासन को लिख रहे पत्र
रेल हादसे रोकने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा जा रहा है। वहीं, रेल अधिकारी भी खुद मानीटरिंग करेंगे। इसके अलावा विज्ञापन के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे