स्नातक स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली समाप्त करने की मांग
विद्यार्थी परिषद ने उच्च शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में सेमेस्टर प्रणाली समाप्त करने की मांग की है। उच्च शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में बताया शैक्षिक परिसर प्रवेश, परीक्षा और परिणाम तक ही सीमित न रहे। बल्कि शिक्षा पर ही ध्यान केंद्रित करे। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समय में शिक्षा के मंदिर उपाधि वितरण केंद्र के रूप में विकसित हो गए हैं। परिषद ने यह भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार इन परिस्थितियों को संज्ञान में लिए बिना अपने निर्णय के माध्यम से स्नातक में सेमेस्टर सिस्टम के रुप में एक ऐसी व्यवस्था थोपने जा रही है जिससे न सिर्फ प्रदेश के शिक्षण संस्थानों पर प्र्रिकयात्मक दबाब बढ़ेगा, बल्कि अपनी ही स्थिति में पड़ी शिक्षा व्यवस्था इस नए व्यवस्था के नीचे दबकर दम तोड़ देगी। बताया कि सेमेस्टर प्रणाली से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, सेमेस्टर लागू होने से 180 दिनों की कक्षाएं सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सकती। प्रदेश के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य में जहां छात्र शिक्षक अनुपात मानक के अनुसार नहीं है उस स्थिति में दो बार पाठ्यक्रम पूर्ण कराया जाना संभव नहीं होगा। अन्य गतिविधियां एनसीसी, एनएसएस, खेल, साहित्य और सांस्कृतिक प्रभावित होगी। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री से सेमेस्टर प्रणाली का विरोध करते हुए सितंबर माह तक इसे वापस लेने की मांग की है। ज्ञापन पर जिला संयोजक राहुल राजपूत, संदीप जैन, हरेंद्र प्रताप सिंह, अमित लिटौरिया, अंगद माते, सौरभ नायक, रामसिंह, जितेंद्र कुमार उपस्थित रहे।