फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अटल बिहारी वाजपेई का ललितपुर जिले से रहा जुड़ाव

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो- 19
विज्ञापन



ललितपुर के मदनपुर में 15 दिन रुके थे अटल बिहारी
- 1953 में आए थे, सरस्वती शिशु मंदिर के लिए प्रेरणा दी
- कवि तन्मय बुखारिया के साथ कई मंचों पर काव्यपाठ किया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी भले ही अब दुनिया में नहीं रहे लेकिन उनकी स्मृतियां आज भी ललितपुर के लोगों के मन मस्तिष्क पर ताजा हैं। उन्होंने जिले में जन्मे कवि तन्मय बुखारिया के साथ कई मंचों पर कविता पाठ किया। वहीं, दूरस्थ जंगलों में स्थित ग्राम मदनपुर में कई बार आकर उन्होंने रात्रि विश्राम भी किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का ललितपुर जिले से जुड़ाव रहा। वह जिले में जन्मे कवि तन्मय बुखारिया से काफी प्रभावित रहे। उन्होंने कई मंचों पर उनके साथ कविता पाठ किया। अटल जी वर्ष 1953 में ग्राम मदनपुर आए थे, यहां वह करीब पंद्रह दिन रुके थे। पूर्व विधायक महरौनी देवेंद्र सिंह बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने मदनपुर में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की इच्छा जाहिर की थी, जिसे रघुनाथ सिंह ने स्कूल खोलकर पूरा किया।
विज्ञापन

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र कुर्मी का कहना है कि स्थानीय भाजपा नेताओं ने एक बार लखनऊ में अटल विहारी वाजपेयी से मुलाकात कर ललितपुर आने के लिए कहा तो उन्होंने कहा था कि वह ललितपुर जा चुके हैं, उन्होंने चौराहे पर एक दूध की दुकान होने की बात कही थी। वह बीस दिसंबर 1989 में भाजपा प्रत्याशी डा. अरविंद कुमार जैन के पक्ष में जनसभा करने आए थे। वह बांसी के काशीनाथ दुबे के घर भी आ चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र गोस्वामी बताते हैं कि वर्ष 1989 में चुनाव के दौरान ललितपुर आए थे। उस दौरान लोकसभा व विधानसभा के साथ चुनाव हुए थे। उन्होंने सर्किट हाउस में राजेंद्र अग्निहोत्री, देवेंद्र सिंह, कांतिलाल साहू के साथ राजनीतिक चर्चा की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें