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बीएसए का नहीं चला जोर, डीएम ने दिए आफआईआर के आदेश

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दुर्बल वर्ग के बच्चों को प्रवेश न दिया तो एफआईआर
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डीएम ने दिए आदेश, बाल शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दुर्बल वर्ग के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश नहीं देकर नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज होगी। डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए बीएसए को निर्देशित किया है कि जो विद्यालय दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
गौरतलब है कि अलाभित व दुर्बल वर्ग के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1) ग के अंतर्गत प्राइवेट स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर मुफ्त में शिक्षा दिलाई जाती है। इसके बदले में शासन द्वारा प्रत्येक बच्चे के अनुसार स्कूल को अनुदानित धनराशि भी उपलब्ध कराई जाती है। प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया के तीन चरण पूर्ण हो चुके हैं। तीनों चरणों में जनपद के विभिन्न इलाकों व स्कूलों में प्रवेश के लिए कुल 456 बच्चों को लाटरी प्रक्रिया से लाभान्वित किया गया है। जनपद के कई स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने अधिनियम की अवहेलना करते हुए अभी तक बच्चों को प्रवेश नहीं दिए हैं। अभिभावक बच्चों के प्रवेश के लिए स्कूलों व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने सख्त रुक अपना लिया है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि किसी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य द्वारा बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, तो ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। गौरतलब है कि विगत 18 जुलाई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में संचालित रानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल को नोटिस जारी किया था। इस विद्यालय को तीनों चरणों में लाभांवित कुल 12 बच्चों के प्रवेश करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन एक भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया गया। बीएसए ने जारी किए इस नोटिस में समस्त बच्चों के प्रवेश के लिए दो दिनों का समय दिया था अन्यथा की स्थिति में मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई करने की बात कही थी। समय सीमा से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन न तो नोटिस का कोई असर हुआ और न ही बीएसए द्वारा कोई कार्रवाई की गई। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी के सख्त निर्देशन के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शासनादेश के आदेशों व अधिनियमों का उलंघन करने वाले इन विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुक अपनाकर एफआईआर दर्ज कराते हैं या नहीं।
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विभाग में नहीं सूचना
आरईटी के तहत प्रवेश प्रक्रिया के तीनों चरण पूर्ण को चुके हैं। इन तीनों चरणों में जनपद के विभिन्न कुल 456 बच्चों को लाभांवित किया गया है। तीनों चरणों में नगर क्षेत्र के 243, महरौनी क्षेत्र के 192, बिरधा क्षेत्र के 15 और तालबेहट क्षेत्र के 06 बच्चे है। अभी तक इन बच्चों में से कितने बच्चों को संबंधित विद्यालय में प्रवेश मिल गए हैं या कितने बच्चे प्रवेश के लिए भटक रहे हैं। इसका जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कोई पुख्ता जानकारी नहीं हैं। शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के प्रति कहीं न कहीं विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं। जो समय से सूचना उपलब्ध नहीं करा रहे हैं और बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

जिन विद्यालयों ने अभी तक बच्चों को प्रवेश नहीं दिए हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
- मायाराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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