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पाइप पेयजल योजनाओं में मिली कमियां, धनराशि में कटौती की सिफारिश

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पाइप पेयजल योजनाओं में मिली कमियां, धनराशि में कटौती की सिफारिश
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डीएम के निर्देश पर नामित अफसर कर रहे परियोजनाओं का सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। डीएम के निर्देश पर नामित अधिकारियों ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया है। इसमें तमाम कमियां पाई गई हैं। जिस पर निरीक्षणकर्ताओं ने धनराशि में कटौती की सिफारिश की है। जिससे विभागीय अफसरों में खलबली मच गई है।
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परियोजना निदेशक डीआरडीए वलिराम वर्मा ने रानीपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान इंटेक वैल का निर्माण रानीपुरा के मजरा चमरऊआ में रानी लक्ष्मीबाई सागर राजघाट की डाउनस्ट्रीम में बेतवा नदी के किनारे निर्माणाधीन पाया गया। मैकेनिकल कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। बाउंड्रीवाल के सुपर स्ट्रक्चर का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। खंडा पत्थर निर्धारित साइज से ओवर साइज में प्रयोग किया गया है। इस पर उन्होंने 1006 लाख रुपये का 0.25 प्रतिशत धनराशि की कटौती की सिफारिश की है। जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक बलिराम वर्मा ने नत्थीखेड़ा ग्राम समूह पेयजल योजना परियोजना का निरीक्षण किया। यह परियोजना को वर्ष 2014 में स्वीकृति प्रदान की गई है। इंटेक वैल का निर्माण नत्थीखेड़ा में जामनी नदी के किनारे निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। परियोजना की कुल लागत 29 करोड़ 34 लाख 89 हजार रुपये है। इसमें 28 करोड़ 99 लाख 36 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। जिसमें से 14 करोड़ 68 लाख 80 हजार रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इस परियोजना से बारह राजस्व ग्राम लाभान्वित होने हैं। इंटेक वैल का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अंतर्गत दो यूनिट हॉपर का निर्माण एवं जल शोधन संयंत्र स्थापना का कार्य कराया जा रहा है। कार्यस्थल पर सीडब्ल्यूआर निर्माणाधीन है। इंटेक वैल से ट्रीटमेंट प्लांट को जोड़ने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। कहीं-कहीं पाइप लाइन बिछाने के लिए निर्धारित गहराई से कम मिट्टी का खुदान किया गया है। चारदीवारी के सुपर स्ट्रकचर का कार्य अभी प्रारंभ नहीं कराया गया। चारदीवारी निर्माण कार्य में अधिकांश खंडा पत्थर निर्धारित साइज से ओवर साइज में प्रयोग किया जा रहा है। कुछ मात्रा में खंडा पत्थर स्थानीय स्तर का प्रयोग किया गया है। डीडीओ ने ओवर साइज खंडा पत्थर का प्रयोग करने व पुअर वर्कमैनशिप आदि कमियों को देखते हुए 1468.80 लाख रुपये का 0.25 प्रतिशत धनराशि की वसूली किए जाने की संस्तुति की है। सीडीओ शिवनारायण ने बरखिरिया ग्राम पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना पर 293.25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसके सापेक्ष 272.26 लाख रुपये की धनराशि विभाग को अवमुक्त हो चुकी है। कार्यस्थल पर तीन पंप हाउसों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। एक पंप हाउस का कार्य प्रगति पर है। ग्राम प्रधान ने बताया कि पानी का प्रेशर कम रहता है। स्टैंड पोस्ट मानक अनुरूप नहीं पाए गए हैं। वितरण प्रणाली में लगाए गए पाइपों को वास्तविक गहराई में नहीं डालकर कुछ स्थानों पर जमीन के ऊपर ही डाल दिया गया है। उन्होंने 15 दिन के अंदर कमियां पूरी नहीं होने पर तकनीकी मूल्यांकन कराकर वसूली की कार्रवाई की हिदायत दी है। उधर, सीडीओ शिवनारायण ने बताया कि परियोजना प्रबंधक जल निगम को निरीक्षण में पाई कमियों को दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है।
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