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बस स्टैंड पार्किंग का ठेका नहीं होने से पालिका हो रही क्षति

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बस स्टैंड पार्किंग का ठेका नहीं होने से पालिका हो रही क्षति
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर पालिका परिषद दो माह बीतने के बाद भी बस स्टैंड पार्किंग का ठेका नहीं करा सकी है। इससे इसकी वसूली का काम विभागीय कर्मियों को दिया गया है। लेकिन वह काफी कम उगाही कर पा रहे हैं। ऐसे में पालिका को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, इसकी पूरी प्रक्रिया विभागीय दांवपेंच में फंसी हुई है।
नगर पालिका परिषद के पास आय के सीमित स्रोत हैं। इनमें गृहकर वसूली, दुकानों का किराया एवं पार्किंग शुल्क प्रमुख रूप से शामिल है। नवीन वित्तीय वर्ष होने के पहले पार्किंग के ठेके करा लिए जाते हैं, जिससे नए वित्तीय वर्ष में उगाही समय से शुरू हो जाए। विभाग ने मार्च की जगह अप्रैल माह में पार्किंग के ठेके कराए। इसमें ट्रैक्टर, मिनी लोडिंग वाहन, ट्रैक्सी टूसीटर, साइकिल पार्किग के ठेके हो गए। लेकिन, बस स्टैंड पार्किंग शुल्क का ठेका नहीं हो पाया। इसके बाद भी विभागीय कर्मियों से इसकी उगाही कराने पर सहमति बनी। लेकिन, विभागीय कर्मी वसूली के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। जहां गत वर्ष ठेकेदार बसों से प्रतिदिन करीब ढाई हजार रुपये की वसूली करता था, वहीं अब छह सौ से आठ सौ रुपये की वसूली हो रही है। ऐसे में पालिका को राजस्व की छति उठानी पड़ रही है। माह की शुरुआत में इसका ठेका कराने के लिए फाइल आगे बढ़ाई गई लेकिन अभी तक घूम रही है। बताते हैं कि इसमें अध्यक्ष रजनी साहू की सहमति ली जा रही है। जिसके बाद ठेके की तिथि तय की जाएगी।
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रसीद देने में मनमानी पर नोटिस
छोटे वाहनों से पार्किंग वसूलने के मामले में ठेकेदारों की मनमानी उजागर हो रही है। जो रसीद दी जा रही हैं, उनमें ठेकेदार का नाम, रसीद क्रमांक व वसूला गया शुल्क का अंकन नहीं है। जिस पर अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने दो पार्किंग ठेकेदारों को नोटिस जारी किए हैं। जिससे उनमें खलबली मच गई है। एक ठेकेदार पर आरोप है कि किसानों के ट्रैक्टरों से भी वसूली की जा रही है जबकि किसानों के लिए पार्किंग की छूट है।

शीघ्र ही कराएंगे ठेका
बस स्टैंड पार्किंग का ठेका कराने के लिए पालिकाध्यक्ष से सहमति ली जा रही है। जैसे ही फाइल वापस आती है, वैसे ही ठेका की तिथि तय कर दी जाएगी।
अवनींद्र कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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