इलाज कराने से पहले मरीजों को दिखाना होगा पहचान पत्र
आयुष अस्पतालों में मरीजों के लिए पहचान पत्र किया अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
आयुष अस्पतालों में उपचार के नाम पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मरीजों का पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। जब मरीज अस्पताल में अपना पंजीकरण कराने के लिए पहुंचेंगे तो उन्हें सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर व पहचान पत्र दिखाना होगा।
एलोपैथी चिकित्सा के साथ लोगों का ध्यान होम्योपैथी एवं आयुर्वेदिक, यूनानी उपचार पर केंद्रित हुआ है। हालांकि, एलोपैथी चिकित्सा के मुकाबले इनके मरीजों की संख्या कम है। इसके बाद भी विभिन्न अस्पतालों में मरीजों की संख्या को ज्यादा दर्शाया जा रहा है। शासन ने इसकी वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इनमें से एक मरीजों का पहचान पत्र मांगना शामिल है। इससे अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीजों की वास्तविक संख्या सामने आ सकेगी। बीते दिनों प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मरीजों की आईडी लेने के निर्देश जारी किए। इसके अनुपालन में जिला होम्योपैथी अधिकारी डा. लक्ष्मीकांत पांडेय और जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. नारायण दास ने अस्पतालों के चिकित्साधीक्षकों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि जो मरीज उपचार कराने के लिए आ रहे हैं, उनसे पहचान पत्र व मोबाइल नंबर मांगा जाए। अब जब मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं तो उनसे पहचान पत्र एवं मोबाइल नंबर मांगा जा रहा है। यही नहीं, मरीज के हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं। हालांकि, कई लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। चिकित्सकों का कहना है कि आईडी लाने के लिए धीरे-धीरे लोग जागरूक होंगे।
किसी एक पहचान पत्र से हो सकेगा इलाज
आयुष अस्पताल में मरीज को साथ में कोई एक पहचान पत्र लेकर आना होगा। इससे उसकी पहचान संख्या रजिस्टर में दर्ज की जा सके। इसमें मरीज का राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जोतवही, वोटर पहचान पत्र आदि शामिल है।
उपचार में बाधा नहीं बनेगा पहचान पत्र
यदि मरीज को पहचान पत्र साथ लाने की जानकारी नहीं है तो उसके उपचार को कोई रोका नहीं जाएगा। इस दौरान उसका मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाएगा। यदि उसके पास मोबाइल नंबर भी नहीं है तो भी उपचार किया जाएगा। लेकिन संबंधित चिकित्सक मरीजों से अगली बार पहचान पत्र साथ लाने के लिए जरूर कहेंगे।
डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, जिला होम्योपैथी अधिकारी
कैंप लगाकर किया जा रहा जागरूक
आयुष कैंप के माध्यम से मरीजों को नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है। कैंप में भी मरीजों से उपचार के समय पहचान पत्र मांगे जा रहे हैं एवं उन्हें इलाज के समय साथ में पहचान पत्र लाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
डा. नारायनदास, जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी