अधर में लटकी नेहरू नगर पेयजल योजना
ललितपुर। नेहरू नगर पेयजल योजना पिछले तीन वर्षों से धरातल पर शुरू नहीं हो पा रही है। अभी नेहरू नगर के लिए बांध से पानी लेने की सिंचाई विभाग व शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। यह पेयजल योजना धरातल पर कब शुरू होगी इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है, लेकिन यह तो तय है कि इस वर्ष भी नेहरू नगर वासियों को भीषण गर्मी में पेयजल की गंभीर समस्या से जूझना पड़ेगा।
शहर में सबसे अधिक पेयजल की समस्या मुहल्ला नेहरू नगर क्षेत्र में है। यहां रहने वाले लगभग बीस हजार लोगों को गर्मियों के मौसम में हर वर्ष इस समस्या से जूझना पड़ता है। वैसे तो वर्ष 2015 में अमृत योजना के तहत नेहरू नगर में पेयजल व्यवस्था कराने के लिए वहां पर पानी की टंकी और घर-घर में पाइप लाइन बिछवाने की कार्ययोजना को स्वीकृति मिल गई थी। इसके बाद जल निगम डीपीआर पर वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अगस्त 2016 में नेहरू नगर पेयजल कार्ययोजना की टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी। बजट के इंतजार में लगभग डेढ़ वर्ष बीतने के बाद अब जल निगम ने इस नेहरू नगर पेयजल योजना में फेरबदल कर दिया है। पहले की कार्ययोजना में मुहल्ला डोड़ाघाट फिल्ट्रेशन प्लांट से ही क्षेत्र में जलापूर्ति की जानी थी, लेकिन अब इस कार्ययोजना में फेरबदल करते हुए गोविंद सागर बांध से ही कच्चा पानी लेकर नेहरू नगर में ही फिल्ट्रेशन प्लांट की स्थापना कराई जानी है और इसमें नेहरू नगर के साथ चांदमारी व सदनशाह मुहल्ले को भी जोड़ दिया गया है। इन नवीन कार्ययोजना की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। जल निगम को शासन से स्वीकृति के लिए डीपीआर शासन को भेज दी है, लेकिन अभी तक गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी मिलने की स्वीकृति नहीं बन सकी है। फिलहाल स्थानीय सिंचाई विभाग ने तो पानी देने से कोई आपत्ति नहीं लगाई है। बांध से पानी देने की स्वीकृति सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों व शासन को ही देनी है। यदि बांध से पानी लेने पर मंजूरी बन जाती है, तो इसके बाद की डीपीआर स्वीकृत हो सकेगी। इसके बाद ही वित्तीय स्वीकृति व बजट आवंटन की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।
शासन को भेज दी गई डीपीआर
नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए शासन को डीपीआर भेज दी गई है। अब मामला बांध से पानी लेने के लिए सिंचाई विभाग की मंजूरी पर अटका हुआ है। मंजूरी मिलते ही आगे की कार्रवाई भी जल्द ही पूर्ण हो जाएगी। इसके लिए जिला स्तर से शासन तक पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही योजना धरातल पर भी शुरू हो जाएगी।
-इं.दिनेश कुमार
सहायक अभियंता/ प्रभारी, नेयजल नगर पेयजल योजना, जल निगम।
शासन ही देगा मंजूरी
बांध से पानी लेने की मंजूरी शासन स्तर से ही दी जानी है। यदि हमारे विभाग से मंजूरी मांगी जाती है तो हमारे स्तर से मंजूरी दे दी जाएगी।
-अतुल गुप्ता
अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड सिंचाई विभाग।