मिड-डे मील पंजिका में दर्शायी जा रही गलत उपस्थिति
सीडीओ ने किया चौंरसिल के विद्यालयों का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा चौंरसिल के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और मथुराडांग के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया, जिसमें कई अध्यापक अनुपस्थित मिले तो मिड-डे मील का दुरुपयोग होना पाया गया, तो विद्यालयों में छात्रों का शैक्षिक स्तर में सुधार की जरूरत महसूस की गई।
मथुराडांग के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण में सअ रियाज अहमद, अनुदेशक आनंद गुप्ता अनुपस्थित मिले। जबकि इनके द्वारा कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अनुपस्थित अध्यापकों का स्पष्टीकरण मांगा और स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं मिलने पर अनुपस्थिति की तिथि का वेतन, मानदेय काटने के निर्देश दिए। विद्यालय में प्रवेश करते समय विद्यालय की बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा टूट कर गिरा हुआ पाया गया। जिस पर उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने का कारण पूछा। विद्यालय के कुल छात्रांकन 201 (कक्षा-6 में 65, कक्षा-7 में 78, कक्षा-8 में 58) के सापेक्ष कुल 49 (कक्षा-6 में 18, कक्षा-7 में 17, कक्षा-8 में 14) छात्र उपस्थित मिले। उपस्थिति पंजिकाओं का अवलोकन करने पर पाया गया कि विभिन्न तिथियों में जो छात्र अनुपस्थित रहे हैं, उन्हें अनुपस्थित नहीं किया गया है तथा उनके कॉलमों को खाली छोड़ा गया है। मिड-डे मील पंजिका का अवलोकन करने पर उसमें छह नवंबर के छात्रों की उपस्थिति का विवरण नहीं भरा गया था, जबकि 30 नवंबर को 110 छात्रों, 31 अक्टूबर को 115 छात्रों, एक नवंबर को 100 छात्रों, 02 नबंवर को 110 छात्रों एवं 03 नबंवर को 105 छात्रों की उपस्थिति दर्शाते हुए मिड-डे-मील का वितरण दिखाया गया है। इससे प्रतीत होता है कि विद्यालय के अध्यापकों द्वारा मिड-डे-मील का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि इस विद्यालय में मिड-डे-मील प्रकरण की जांच कराकर 7 दिन के अंदर आख्या प्रस्तुत करें।
कक्षा 7 के छात्रों का शैक्षिक स्तर जांचने पर पाया गया कि छात्र उदय प्रताप समानांतर रेखाओं के विषय में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। छात्र रोहित कुमार एवं पुष्पेंद्र को 11)10101( हल करने को दिया गया, जिसे वह हल नहीं कर सके। छात्र संजय को 11)10101( हल करने को दिया गया, जिसे उसने सही हल किया, किन्तु 3)1202( को हल नहीं कर सका। छात्र प्रतिपाल ने 3)1202( का हल 406 लिखा तथा छात्रा निकिता ने 4 लिखा, जो गलत था। वहीं कक्षा 8 के छात्रों का शैक्षिक स्तर जांचने पर पाया कि छात्र हर्ष से उर्वशी लिखवाया गया, जिसे उसने ऊरववशी लिखा, अशिक्षित लिखवाने पर ऐसेकक्षित लिखा, किंतु हिन्दुस्तान शब्द सही लिखा। हर्ष को कोई कविता सुनाने को कहा गया, किन्तु नहीं सुना सका। छात्र विशाल द्वारा कविता सुनाई गई, किंतु उसमें से भी कुछ लाइनें नहीं सुना पाया। छात्र रिंकू एवं छात्रा मुस्कान से हिंदी की किताब पढ़वाई गई, जिसे वह नहीं पढ़ सके। छात्र संजय द्वारा हिंदी की किताब को अटक-अटक कर पढ़ा गया। इस प्रकार पाया गया कि इस विद्यालय में छात्रों के शैक्षिक स्तर में काफी सुधार की आवश्यकता है।
प्राथमिक विद्यालय मथुराडांग के निरीक्षण में जाते समय विद्यालय से कुछ दूरी पहले इस विद्यालय के 2 छात्र (शिवदर्शन कक्षा-5 एवं सचिंद्र कक्षा-4) एक लकड़ी के डंडे में एक बाल्टी टांगे हैंडपंप पर पानी भरने के लिए जा रहे थे। उनसे बात करने पर छात्रों ने बताया कि वह पानी भरने आए हैं। विद्यालय के अध्यापकों को निर्देश दिए गए कि भविष्य में छात्रों को पानी भरने के लिए न भेजा जाए, अन्यथा संबंधित के विरूद्व कठोर कार्यवाही की जाएगी। इस विद्यालय में सअ संतोष कुमार गुप्ता अनुपस्थित मिले। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सहायक अध्यापक का स्पष्टीकरण लें तथा स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर उस दिन का वेतन काटें। विद्यालय के कुल छात्रांकन 143 के सापेक्ष 72 बच्चे उपस्थित मिले। मिड-डे-मील पंजिका का अवलोकन करने पर उसमें उस दिन के छात्रों की उपस्थिति का विवरण नहीं भरा गया था, जबकि 01 नबंवर को 102 छात्रों, 02 नबंवर को 111 छात्रों एवं तीन नबंवर को 109 छात्रों की उपस्थिति दर्शाते हुए मिड-डे-मील का वितरण दिखा गया है। इससे प्रतीत होता है कि विद्यालय के अध्यापकों द्वारा मिड-डे-मील का दुरूपयोग किया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि इस विद्यालय में मिड-डे-मील प्रकरण की जांच कराकर 7 दिन के अन्दर आख्या प्रस्तुत करें। छात्रों को आलू की जो सब्जी वितरित की जा रही थी, उसमें पानी की मात्रा अधिक थी। निर्देश दिए गए कि छात्रों को गुणवत्तायुक्त भोजन बनाकर वितरित किया जाए।