वायदों पर खरे नहीं उतरे पालिका के निर्वाचित प्रतिनिधि
वार्ड नंबर दो-मुहल्ला रैदासपुरा/खिरकापुरा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अपने कार्यकाल में चुनावी वायदों को पूरे नहीं किया है। ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र सुम्मेरा तालाब आज भी दुर्दशा का शिकार है। वहीं, शहर में पसरे अतिक्रमण का समाधान भी नहीं हो सका है। सड़कों की गुणवत्ता और साफ-सफाई भी ठीक नहीं है।
नगर पालिका परिषद के परिसीमन में कई वार्डों का विस्तार हो गया है। पहले मुहल्ला रैदासपुरा, खिरकापुरा की पहचान वार्ड संख्या एक थी जो अब नये परिसीमन में वार्ड संख्या दो हो गया है। लेकिन, इस वार्ड का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। मुहल्ला रैदासपुरा के वाशिंदों को आज भी पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। यहां भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे रहता है, जिससे हैंडपंप सफल नहीं होते हैं। इन हालात में क्षेत्रवासियों को पाइप पेयजल आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं, कांशीराम आवासीय कालोनी की भी लगातार अनदेखी हो रही है। इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
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कैप्सन- जगदीश कुशवाहा
पार्क का नहीं हो पाया सौंदर्यीकरण
नगर पालिका परिषद क्षेत्रवासियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराती है। न तो वार्ड और न ही नगर का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाया है। शहर में दो पल सुकून से गुजारने के लिए चंद्रशेखर उद्यान पार्क बना है। इसके सौंदर्यीकरण पर काफी पैसा लगाया गया, लेकिन पार्क में अभी भी काफी काम कराने की जरूरत है। वहीं, वार्ड में नारायणपुरा स्कूल के पास कूड़ाघर, पठापुरा में पेयजल का भी समाधान नहीं हो सका है। इस बार स्वच्छ छवि के साथ पढ़े लिखे उम्मीदवार को अपना वोट देगें, जिससे नगर के सर्वांगीण विकास का रास्ता खुल सके।
जगदीश कुशवाहा
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कैप्सन-बालकदास
क्लीन ललितपुर का वायदा रहा अधूरा
नगर के विकास में अतिक्रमण सबसे बड़ा बाधक बना हुआ है। क्लीन ललितपुर का वायदा तो किया गया, लेकिन सड़कों के चौड़ीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे ही सीधा संबंध यातायात व्यवस्था का है। अतिक्रमण ने शहर के फुटपाथ को पूरी तरह निगल लिया है। वहीं, वार्ड में भी समस्याएं कम नहीं हैं। टोरिया के पास गंदगी बोलबाला है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए वायदा तो किया जाता है। लेकिन इसका निस्तारण कोई नहीं करता है। ऐसा चेयरमैन चाहिए जो मलिन बस्ती के विकास पर ज्यादा ध्यान दे। जिससे उनमें पनपी उपेक्षा की भावना समाप्त हो सके।
बालकदास
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कैप्सन- मचला
नहीं मुहैया करा पाए मूलभूत सुविधाएं
नगर व वार्ड को साफ-सुथरा रखने के लिए सड़क, नाली पक्की करने के वायदे किए गए जो अब तक पूरे नहीं हुए। मुहल्ला रैदासपुरा में पेयजल समस्या जस की तस है तो कांशीराम आवासीय कालोनी में बोर व टंकी खराब है, ऐसे में कालोनीवासियों के लिए पेयजल के लाले पड़ रहे हैं। पाइप पेयजल की भी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। हमें ऐसा चेयरमैन चाहिए जो सड़क, नाली व पेयजल की समस्या का समाधान करा सके। जब वार्ड का विकास होगा तो वह नगर के विकास में सहायक होगा।
मचला, गृहणी
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कैप्सन- मनोहरलाल विश्वकर्मा पप्पू
स्मार्ट सिटी की माफिक मिले सुविधाएं
नगर पालिका परिषद में हर पांच साल में एक अध्यक्ष चुना जाता है, जो चुनाव में तमाम वायदें करते हैं। लेकिन, अधिकतर वायदे अधूरे ही रह जाते हैं। यही वजह है कि नगर का विकास गति नहीं पकड़ पाया है। शहर आज भी किसी कस्बे की तरह नजर आता है। जो शाही मार्ग है वही अतिक्रमण में सिकुड़ गया है जिस पर पैदल चलना जान जोखिम में डालने जैसा है। जब तक शहर का अतिक्रमण नहीं हटेगा तब तक नगर की सुंदरता वापस लौटने वाली नहीं है। नगर पालिका के लिए ऐसा चेयरमैन चाहिए जो जनता की नब्ज को समझते हुए जनहित के कार्य करें।
मनोहरलाल विश्वकर्मा उर्फ पप्पू, टेलर मास्टर
वार्ड नंबर दो आरक्षित अनुसूचित जाति
वार्ड में मतदाता करीब 3972 बनाए गए हैं, जो अब अध्यक्ष सहित वार्ड का पार्षद चुनेंगे। वार्ड का सीमा विस्तार होने से इसका एक छोर ग्राम पनारी से लग गया है तो दूसरा छोर मुहल्ले रामनगर का है। इस वार्ड में मुहल्ला रैदासपुरा, विष्णुपुरा, नारायणपुरा, खिरकापुरा शामिल है। रामनगर मुहल्ले के लक्ष्मीनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर ग्राम पनारी तक समाप्त होता है।