एसडीएम की निगरानी में तोड़े चार अलमारियों के ताले
मानचित्रकार चौदह अलमारियां बंद कर चार्ज देने नहीं लौटा
- 8.98 करोड़ की बुंदेलखंड पैकेज सिंचाई योजना पड़ी है लंबित
- पात्र-अपात्रों की पत्रावलियों का डाटा भी कंप्यूटर से उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। लघु सिंचाई विभाग में 12 साल से जमे बाबू ने अन्य जनपद स्थानांतरण से रुष्ट होकर दो महीने बाद भी किसी को चार्ज नहीं दिया, इस पर जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम की निगरानी में अलमारियों के ताले तुड़वाकर नये आए व्यक्ति को चार्ज सौंपा गया। स्थानांतरण के बाद पुराना मानचित्रकार चौदह अलमारियां बंद कर चाबियां अपने साथ ले गया, साथ ही पात्र-अपात्रों की सूची का डाटा भी कंप्यूटर से उड़ा दिया है, इसके चलते 8.98 करोड़ की बुंदेलखंड पैकेज सिंचाई योजना लंबित पड़ी है और हजारों लाभार्थियों को चयन होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया।
लघुसिंचाई विभाग में बलिया से स्थानांतरित होकर आए मानचित्रकार सुरेंद्र प्रसाद ने जनपद में 12 वर्ष तक सेवाएं दी। लघुसिंचाई विभाग में किसान हित में शासन द्वारा हर वर्ष कई लाभकारी योजनाएं संचालित की जाती है। इस वर्ष भी बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत खेतों की सिंचाई के लिए कूपों की पत्रावलियां तैयार कराई गईं और कूपों का निर्माण भी हुआ। इसकी पत्रावलियों के रखरखाव का जिम्मा मानचित्रकार सुरेंद्र प्रसाद को सौंपा गया।
उक्त योजना में ऐसे लाभार्थी जिन्होंने पूर्व में योजना का लाभ नहीं मिला, उसकी सूची तैयार कराई गई। यह सूची मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गठित की गई समिति (जिला कृषि अधिकारी, कृषि उपनिदेशक, जिला उद्यान अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी) द्वारा तैयारी की गई थी और सूची की विधिवत पत्रावली तैयार की गई थी। उक्त योजना में लाभार्थी किसानों को डीजल पंप सेट और एसडीपीई पाइप कुएं से खेत तक 150 मीटर का दिया जाना है। समिति द्वारा लाभार्थियों का चयन तो कर लिया गया और उसकी पत्रावलियां मानचित्रकार ने अलमारियों में सुरक्षित रख ली थीं। इस योजना के संबंध में उच्च स्तरीय कई शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए दो माह पूर्व अधीक्षण अभियंता द्वारा मानचित्रकार सुरेंद्र का स्थानांतरण उरई कर दिया गया और अगस्त 26 अगस्त को उसे विभाग से रिलीव भी कर दिया गया, इसके बाद उसने उरई में ज्वाइन भी कर लिया, लेकिन उसने ललितपुर के कार्यालय में स्थानांतरित होकर आए दूसरे मानचित्रकार अजय कुमार खरे को चार्ज नहीं सौंपा। यहां तक कि कार्यालय छोड़ने से पहले बुंदेलखंड पैकेज समेत कई अन्य महत्वपूर्ण सूचियों का डाटा कंप्यूटर से भी उड़ा दिया। लघुसिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अजय कुमार खरे को चार्ज दिलाने के लिए उरई कार्यालय से कई बार पत्राचार भी किया, लेकिन सुरेंद्र प्रसाद चार्ज सौंपने नहीं आए। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने मामले को जिलाधिकारी के समक्ष रखा, जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम देवेंद्र पाल को अलमारियों का ताला तुड़वाकर यहां तैनात मानचित्रकार अजय कुमार खरे को चार्ज सौंपने की कार्यवाही करने के आदेश दिए। इस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम ने लघुसिंचाई विभाग पहुंचकर करीब सात घंटे की कार्यवाही में चार अलमारियों के ताले तोड़कर पत्रावलियों की सूची तैयार कर अजय कुमार खरे चार्ज सौंपा। हालांकि अब भी यहां 10 अलमारियों के ताले तोड़ कर पत्रावलियां सौंपने की कार्यवाही बाकी रह गई है। इसे शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। अभी उक्त बुंदेलखंड योजना की पत्रावलियां उक्त चार अलमारियों ने नहीं मिल सकी हैं। मानचित्रकार सुरेंद्र प्रसाद की कारगुजारियों का खामियाजा पात्र लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। अधिशासी अभियंता मृत्युंजय कुमार ने बताया कि बाकी दस अलमारियों के ताले तुड़वाकर पत्रावलियों का चार्ज एसडीएम के सामने ही होना है, शुक्रवार को कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी है।