शहरवासियों को दिन में भर में हो सकी मात्र 10 मिनट पेयजल आपूर्ति
ललितपुर। शहर में लुकाछिपी का खेल, खेल रही बिजली ने पेयजल की चाल बिगाड़ दी है। जहां रविवार को न तो पानी मिल सका और न ही बिजली मिली। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाईं, जिससे शहर में पानी की आपूर्ति बाधित रही। किसी को 10 मिनट पानी मिला तो किसी के घर पांच मिनट ही नलों का पानी आया।
शहर की पेेयजल व्यवस्था बिजली पर आश्रित है। यहां पर जल संस्थान द्वारा पेयजल की आपूर्ति की जाती है, जिसे टंकियों को भरने के लिए पर्याप्त बिजली की आवश्यकता होती है। लेकिन, रविवार को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण टंकियां नहीं भर पाईं। इससे सोमवार को पानी आपूर्ति बाधित रही। जल संस्थान को बिना बाधा के पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसका प्रभाव शहर में जलापूर्ति पर पड़ रहा है। जिन टंकियों से पानी की आपूर्ति होती है, वह बिजली कम मिलने से पूरी क्षमता के साथ नहीं भर पा रहीं हैं।
सोमवार को सुबह पांच बजे से लोगों ने नलों में पानी आने का इंतजार किया, लेकिन केवल 10 से 15 मिनट तक ही थोड़ा-थोड़ा पानी मिला। नलों में पानी आते ही लोगों ने अपने खाली बर्तन इकट्ठे कर पानी भरने के लिए बैठ गए, लेकिन कुछ ही देर में नलों से पानी आना कम हो गया। जो कुछ ही मिनट में पूरी तरह से बंद हो गए। काफी देर तक इंतजार के बाद अधिकांश मोहल्लावासियों को पानी भरने के लिए हैंडपंपों को सहारा लेना पड़ा। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति न होने से लोग टैंकरों का इंतजार करते रहे। लेकिन, देर सुबह तक पानी नहीं मिलने पर पेयजल का संकट गहरा गया। हालत यह रही कि जो हैंडपंप पानी दे रहे हैं, वहां पर पानी भरने वालों की लाइन लग गई।
कई मोहल्लों मेें टैंकर आने के बाद लोगों ने अपने बर्तन भरने के बाद साइकिल पर डिब्बा बांध कर पानी जुटाया। वहीं, हैंडपंप दूर होने पर साइकिल का सहारा लेना पड़ा। मोहल्ला नेहरूनगर में टैंकर पहुंचने पर पानी भरने के लिए लोगों की काफी भीड़ रही, बर्तनों में पानी भरने के बाद साइकिलों के सहारे पानी जुटाया।
मोहल्ला नेहरुनगर में पानी की भीषण समस्या बनी हुई। जहां पर नलों ने तीन माह पूर्व पानी देना छोड़ दिया है। यहां पर दिन में केवल एक बार ही टैंकर आता है, जिससे पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
- विद्यादेवी
मोहल्ला में नल नहीं आने से पेयजल आपूर्ति गहरा गई है। इसके साथ ही हैंडपंप से पानी आना बंद हो गया है। बीती रात लगभग ढाई बजे तक पानी आने का इंतजार किया, लेकिन पानी नहीं आया।
- प्रभा
गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही पेयजल संकट की स्थिति खराब होने लगती है। जो बढ़कर अधिक गंभीर हो जाती है। यहां पर बूंद- बूंद पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
- आनंद
पानी की समस्या कम होने की स्थिति में नहीं है। हालत यह है कि टैंकर आने पर भी लंबी-लंबी लाइन लग रहीं है। ऐसे कई लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। खाली बर्तन लेकर मायूस होकर लौट जाते हैं।
-जितेंद्र कुमार
पेयजल समस्या को जनप्रतिनिधि भी अनदेखा कर रहे हैं। हालत यह है कि आए दिन शहरवासी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। मोहल्ले में कई जगह पानी आ रहा तो कई स्थानों पर आपूर्ति नहीं हो रही है।
- मनोज
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शहर में रविवार को विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण मोटरें नहीं चल सकी। रात को बिजली मिलने पर टंकियों को भरा गया। मंगलवार को पेयजल आपूर्ति सुचारु रुप से की जाएगी।
-रामभुवन, अवर अभियंता
जल संस्थान