ईश्वर के बराबर होते हैं माता-पिता
ललितपुर। श्रुत संवर्धन ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर में ब्रह्मचारी विनोद शास्त्री ने कहा कि पृथ्वी पर साक्षात ईश्वर कोई है तो माता-पिता ही हैं। माता-पिता ही हमें नया जीवन देते हैं और हमारा पालन-पोषण करते हैं। इसलिए माता-पिता को समर्पित भाव से प्रतिदिन प्रणाम करना चाहिए। उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए। यह मार्ग ईश्वर प्राप्ति का सच्चा मार्ग है।
वर्णी नगर मड़ावरा में श्री महावीर विद्या विहार में चल रहे शिविर में उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को श्रेष्ठ संस्कारों के साथ जीवन के श्रेष्ठतम स्थान पर पहुंचाने का प्रयास करते हैं। वह स्वयं अनेक प्रकार की परेशानियों को सहन कर बच्चों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखते हैं। माता-पिता के बिना जीवन अधूरा रहता है। उनका प्यार जीवन में अहम भूमिका निभाता है। बच्चों का यह कर्तव्य है कि वह मां-बाप की सेवा तन्मयता से करें। वृद्धावस्था में उनका ख्याल रखें। उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दें। ज्ञान संस्कार शिविर में सुबह बच्चों को ज्ञानदर्पण भाग -1 व 2, छहढाला व दोपहर में श्री पार्श्वनाथ युगल मंदिर में महिलाओं की तत्वार्थसूत्र की कक्षा, सायंकाल भक्तामर स्त्रोत की कक्षाएं लगाकर धार्मिक ज्ञान सिखाया जा रहा है। ब्रह्मचारी महेंद्र भैया घुवारा ने बच्चों को संदेश दिया। छात्रा वीनस जैन, राशि जैन, सहसंयोजक पुष्पेंद्र जैन, डा. राकेश सिंघई, नीलेश जैन, मनोज जैन, विनय जैन आदि मौजूद रहे।