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बाल श्रम समाज के लिये अभिशाप

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बाल श्रम खत्म करने में समाज की अहम भूमिका
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ललितपुर। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल श्रम रोकने व जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से तैयार किए गए जागरूकता रथ को कलक्ट्रेट परिसर में उपजिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम रोकने में समाज की अहम भूमिका है। इसलिए लोगों को अभियान के साथ जुड़कर जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की जरूरत है। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों को जनपद से बाल श्रम को खत्म करने की शपथ दिलाई।
ग्रामोत्थान सेवा समिति, वर्ल्ड विजन इंडिया, श्रम विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम निषेध जागरूकता रथ तैयार किया गया। यात्रा का उद्देश्य बताते हुए लीजू जैकब ने कहा कि जागरूकता यात्रा 13 और 14 जून कोे जिले में भ्रमण करते हुए ग्रामीण क्षेत्र में नुक्कड़ नाटकों व लोकगीतों के माध्यम से समुदाय को जागरूक करेगी।
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जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी आशीष अवस्थी ने कहा कि दुकानदार, होटल, ढाबा, जनरल स्टोर एवं अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों में 14 वर्ष से कम आयु के बालक एवं बालिकाओं से कार्य कराना पूर्णत: प्रतिबंधित है। कानून का उल्लंघन करने पर 20 से लेकर 50 हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। छह महीने से दो वर्ष की सजा भी हो सकती है। कहीं बाल श्रम होता दिखता है तो 1098 चाइल्ड लाइन को सूचित कर सामाजिक दायित्व निभा सकते हैं।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र पटेल ने कहा कि बाल श्रम अपराध के साथ साथ सामाजिक बुराई भी है और इस बुराई को खत्म करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सामने आना होगा। बाल विवाह के कारण भी बाल श्रम को बढ़ावा मिलता है, इसलिए बाल विवाहों को भी रोकना होगा। इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकारी पंकज कुमार, महेश रिछारिया रूपेश शर्मा, जयराम, ममता श्रीवास, प्रियंका नामदेव, रागिनी, महिला हेल्प लाइन 181 से क्षमा, श्रम विभाग से मोहम्मद जुनैद, मनोज पाठक, कम्मोद सिंह, रीतेश, खुमान, खलक सिंह आदि मौजूद रहे।
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