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सुरक्षा मानक पूर्ण करें वरना कोचिंग संचालकों पर होगी एफआईआर

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सुरक्षा मानक पूरे करें, वरना होगी एफआईआर
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ललितपुर। सूरत के कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद से प्रशासनिक अफसरों ने कोचिंग संचालकों पर विभागीय शिकंजा कस दिया है। उन्होंने सुरक्षा मानक पूर्ण करने के लिए दस जून तक की मोहलत कोचिंग संचालकों को दी है। यदि निर्धारित तिथि के बाद भी कोचिंग सेंटर में कमियां पाईं जाती हैं, तो संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गुजरात के सूरत में पिछले दिनों एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई थी। इसमें कई बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस घटना से समूचे देश में आक्रोश पनप गया था। प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी कोचिंग सेंटरों पर सुरक्षा उपायों की जांच करने के निर्देश अफसरों को दिए थे। इस क्रम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण कमेटी गठित की। एसडीएम सदर गजल भारद्वाज और जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई। इस पर उन्होंने समस्त पंजीकृत कोचिंग सेंटरों को निर्देशित किया है कि कोचिंग सेंटरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा-सुविधा की व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से दस जून तक पूर्ण कर लें। वरना, कोचिंग संचालक के विरुद्ध संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी जायेगी। बता दें कि शहर में बीस से अधिक कोचिंग संचालित हो रही हैं।
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इन मानकों को करना है पूरा
कोचिंग सेंटर में अग्निशमन यंत्र, सेंटर के कक्षों में सीसीटीवी कैमरे, छात्र-छात्राओं के वाहन-साइकिल के लिए पार्किंग स्थल, अलग-अलग शौचालय, सेंटर में पेयजल/ प्रकाश/ हवा/ बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करने के निर्देश संचालकों को दिए गए हैं। ऐसे कोचिंग सेंटर, जिनका पंजीयन नहीं है या पंजीयन समाप्त होने जा रहा है, वह तत्काल नवीनीकरण करा लें। अमानक भवन में कोचिंग का संचालन कदापि न करें। कोचिंग के वाहनों की वजह से सड़क व गली में आवागमन किसी भी दशा में बाधित नहीं हो। किसी भी कोचिंग में राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, परिषदीय अध्यापक शिक्षक ट्यूशन नहीं देंगे। यदि कोचिंग में पढ़ाने या उनकी इसमें संलिप्तता का तथ्य प्रकाश में आता है तो उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कोचिंग का संचालन विद्यालय व कॉलेज समय में किसी भी दशा में न किया जाए। कोचिंग पंजीयन प्रमाण पत्र में अंकित संख्यानुसार ही छात्र-छात्राओं को बैचवार पढ़ाएं। कोचिंग संचालक छात्र-छात्राओं के बैच लगाने का समय पंजिका में अंकित करें। छात्र-छात्राओं को शुल्क की एवज में उन्हें रसीद अवश्य प्रदान करें। नियमानुसार इनकम टैक्स आदि का भुगतान करें।
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