गांवों में बिजली चोरी रोकने को डाला जाएगा बंच केबल
ललितपुर। एक हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बिजली विभाग की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए बंच केबल डाला जाएगा। इससे दशकों पूर्व खुले में बिछाए गए तार हटाए जाकर काली रबरयुक्त बंच केबल डलने से बिजली चोरी रुकेगी और दुर्घटनाएं भी कम होंगी। लोड के अनुसार ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। बिजली विभाग ने बंच केबल डालने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है।
जनपद में शहरी क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग ने बंच केबल और अंडरग्राउंड केबल बिछाई है। खुले तारों के हटने से अधिकांश जगहों पर करंट का खतरा काफी कम हो गया है लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी दशकों पूर्व खुले में बिछाए गए बिजली के तार हैं। एक ओर यह तार हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं, दूसरी ओर खुले तार होने से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में साठ से सत्तर फीसदी तक बिजली चोरी हो रही है।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने आदेश जारी कर कहा कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी एक हजार है या एक हजार से अधिक है, उन गांवों में खुुले में बिछाए गए विद्युत तार हटाकर नई एबीसी रबरयुक्त बंच केबल बिछाई जाए। इसके लिए एक प्राइवेट संस्था को जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिसके माध्यम से बिजली विभाग द्वारा ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे शुरू करा दिया गया है। अभी तक लगभग 45 गांव सर्वे में चिह्नित कर लिए गए हैं, जहां बंच केबल डाले जाने हैं। जबकि अन्य गांवों में सर्वे जारी है। कंपनी पूर्ण सर्वे करने के बाद इसकी रिपोर्ट विद्युत विभाग के अधिकारियों को सौंपेगी और उसके बाद उन ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे के आधार पर खुले में बिछाए गए विद्युत तार हटाकर नई बंच केबल बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। विभाग द्वारा बंच केबल बिछाने के बाद कनेक्शन व लोड के आधार पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि भी की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुुसार सर्वे होने के बाद शीघ्र ही ऐसे गांवों में बंच केबल बिछाई जाएगी।
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एक हजार या इससे अधिक आबादी वाले गांवों में खुले तार हटाकर बंच केबल डाली जानी है। इसके लिए सर्वे शुरू हो चुका है। सर्वे पूरा होने के बाद बंच केबल डाली जाएगी। कनेक्शन व लोड के अनुसार ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि भी की जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम।