करबला में ताजिये किए गए ठंडे
अमर उजाला ब्यूरो
मड़ावरा (ललितपुर)। बृहस्पतिवार को हिजरी कलेण्डर के मुहर्रम महीने की 09 तारीख की दरम्यानी रात को कस्बे में ताजियों की शोभायात्रा निकाल कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। कस्बे की जामामस्जिद स्थित इमाम चौक पर जामामस्जिद समेत साईयों का ताजिया मास्टर मुजीम और सुन्नी मुनव्वरी मस्जिद के ताजिये एकत्र हुए और मिलाप के बाद प्रारंभ हुआ जुलूस रावतपुरा से होकर पुराना बाजार होते हुए वापस इमामचौक पर संपन्न हुई।
इस दौरान युवाओं द्वारा अखाड़े में हैरतअंगेज करतब दिखाकर शहीदाने.कर्बला की वीरता और ईमान के लिए दी गई शहादत को याद किया गया। वहीं, शुक्रवार को भी दोपहर बाद कस्बे में ताजियों का जुलूस शोभायात्रा निकाला गया। नमाज जुमा के फातिहा पढ़ी गयी और शर्बत, खिचड़ा आदि बांटा गया। सुन्नी मुनव्वरी मस्जिद से शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इसमें मस्जिद का ताजिया थाना बैरियर होता हुआ जामा मस्जिद ले जाया गया। जहां चारों ताजियों का मिलाप हुआ और शोभायात्रा रावतपुरा, पुराना बाजार, दुकानवाला मोहल्ला होते हुए वापस लंबरदारपुरा होते हुए थाने के मैदान में पहुंची। जहां युवाओं और बच्चों समेत पुराने अखाड़ेबाजों द्वारा बनेती लाठी और तलवारबाजी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया। थाना परिसर से शोभायात्रा बैरियर से होते हुए वापस पुराना बाजार से अपने आखिरी मुकाम प्राइमरी स्कूल पहुंची जहां मर्शिया फातिहा और सलाम पढ़कर कर्बला को रवाना हुई जहां नम आंखों से ताजियों को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इससे पूर्व मुहर्रम माह की एक तारीख से कस्बे में इमाम चौक समेत घरों में शहादतनामों का आयोजन कर इमाम हसन.हुसैन को याद किया गया। ताजियों की शोभायात्रा में सांप्रदायिक सौहार्द की मिशाल पेश करते हुए सभी मजहबों को मानने वाले तमाम ग्रामीणजन जुलूस में मौजूद रहे। इस दौरान शांति. सुरक्षा इंतजामों के लिए प्रभारी थानाध्यक्ष माबूद रजा के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस समेत बिजली के तारों को व्यवस्थित करने हेतु विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
बारिश से कम नहीं हुआ युवाओं का जोश
मड़ावरा। शोभायात्रा के दौरान शाम करीब साढ़े छह बजे आसमान में छाये काले बादल ने भी अपना रौद्ररूप दिखाया लेकिन बारिश को लेकर पहले से किए गए इंतजाम के चलते शोभायात्रा और अखाड़ेबाजों का उत्साह कम नहीं हुआ।