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सुविधाओं के अभाव में कालोनी छोड़ने को मजबूर हो रहे परिवार

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सुविधाओं के अभाव में सरकारी कालोनी से पलायन
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बारह परिवारों ने आवास खाली कर लगाए ताले
- चार साल बाद भी बिजली, पानी व सड़क की सुविधा नहीं
- जनप्रतिनिधियों के वादे भी निकले हवाहवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पांच वर्ष पहले शहरी क्षेत्र में रह रहे जरूरतमंद परिवारों को आवास मुहैया कराने के लिए रामनगर वार्ड में सरकारी कालोनी का निर्माण किया गया था। तत्कालीन अधिकारियों ने अपनी कमियां छिपाते हुए आधे-अधूरे आवास लोगों को आवंटित कर दिए थे। यहां रहने वाले परिवारों को चार साल बाद भी बिजली, पानी व सड़क की सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। इससे परेशान होकर बारह परिवारों ने अपने आवासों को खाली करके ताला लगा दिया है।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रहीं है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली विभाग की सौभाग्य योजना, जल निगम की अमृत योजना आदि शामिल हैं। करीब पांच वर्ष पहले शहरी क्षेत्र में रह रहे असहाय परिवारों को छत मुहैया कराने के लिए हाइवे स्थित भाजपा के निर्माणाधीन कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर कालोनी का निर्माण किया गया। इसमें पांच सौ से ज्यादा परिवारों को रहने की व्यवस्था की गई, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इस कॉलोनी में चार साल के बाद भी अब तक सड़क, बिजली, पानी का इंतजाम नहीं हो पाया। तत्कालीन अधिकारियों ने इस कमी को छिपाने के लिए आनन-फानन में आश्वासन देकर आवास आवंटित कर दिए, लेकिन इसके बाद अब भी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इससे परेशान होकर अब तक 12 परिवारों ने आवासों में ताला डालकर छोड़ गए है। कालोनी के बाशिंदे सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जुलाई माह में कॉलोनी वासियों ने समस्याओं से परेशान होकर बिजली विभाग के सामने वाहनों का चक्का जाम कर दिया था। इसके बाद भी जब अधिकारी नहीं चेते तो मंगलवार को कॉलोनीवासी एसडीओ बिजली के कार्यालय पहुंच गए। जिस पर विभाग की ओर से दीपावली तक घरों को बिजली से रोशन करने की बात कही जा रही है। हालांकि, कॉलोनी वासी बिजली अधिकारियों के आश्वासन पर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।
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कालोनीवासियों के साथ हो रहा भेदभाव
- एक ओर अमृत योजना के तहत नि:शुल्क पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। वहीं, कालोनीवासी हैंडपंपों के भरोसे हैं। इस समय कालोनी में तीन सौ से ज्यादा परिवार रह रहे हैं। इनकी प्यास बुझाने के लिए कुल आठ हैंडपंप लगे हुए हैं, इनमें से भी एक हैंडपंप खराब बना हुआ है। पाइप लाइन जलापूर्ति है नहीं, ऐसे में हैंडपंप से पानी भरकर उसे ऊपरी मंजिल तक ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
हाजरा

सौभाग्य योजना से भी रोशन नहीं हो पाए घर
सरकार गरीबों के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं, लेकिन उनका लाभ हर निर्धन परिवार तक नहीं पहुंच पा रहा है। जब सौभाग्य योजना चालू हुई तो लगा कि घर रोशन हो जाएंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आज भी कालोनी शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। कालोनी के विभिन्न कोनों में चार सोलर लाइट लगी हुई हैं, इनमें से एक ही काम कर रही है बाकी खराबी के कारण उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
शांति

गरीबी का दंश झेल रहे है
कॉलोनी में रहने वाले लोगों को कोई सुविधाएं नहीं मिल रही है। गरीब है इसलिए कालोनी में यह सब भुगत रहे हैं। यदि अमीर होते तो कालोनी छोड़कर दूसरी जगह रहने लगते। जिला प्रशासन से कई बार सुविधाएं रखने के लिए गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
सियारानी

गर्मी से बचने के लिए बाहर सोना पड़ता
कालोनी में बिजली के अभाव में लोगों को खुले आसमान में लेटना पड़ता है। बारिश के मौसम में पार्क के अंदर जहरीले कीड़े विचरण करने लगते हैं, जिसका भी भय रहता है कि कब कालोनी में कीड़े घुस जाए। लेकिन इन सबके बाद भी गर्मी व उमस से बचने के लिए लोगों के पास और कोई चारा भी नहीं है।
रेनू सोनी

स्कूली बच्चों को पीने की समस्या
कालोनी में एक छत के नीचे कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए एक स्कूल खोला गया है। इसमें भी पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। जब बच्चे मिड्डे मील खा लेते हैं तो वे सभी कालोनी में लगे हैंडपंप पर पानी पीने के लिए दौड़ पड़ते हैं। स्कूल में बोर कराया गया है, लेकिन बिजली के अभाव में इसे चालू नहीं किया जा सका है।

एस्टीमेट तैयार अब धनराशि का इंतजार
कॉलोनी में बिजली पहुंचाने के लिए करीब पैंसठ लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था, लेकिन इसमें अब तक कोई भी धनराशि नहीं मिल सकी है। जैसे ही धनराशि मिलती है, वैसे ही बिजली के पोल लगवा दिए जाएंगे।
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पीआर सिंह
अधीक्षण अभियंता
विद्युत विभाग

संपर्क मार्ग का कराएंगे निर्माण
कॉलोनी के संपर्क मार्ग के कच्चे होने की जानकारी मिली है। इसे बोर्ड बैठक में पारित कराकर इसके टेंडर निकाले जाएंगे। इसके बाद संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाएगा।
रजनी साहू
अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद
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