कब लगेंगे दिव्यांग बच्चों के परीक्षण को कैंप
ललितपुर।
जनपद में छह से चौदह वर्ष की आयु वाले दिव्यांग बच्चों की बीमारी का परीक्षण करने और उन्हें उपकरण उपलब्ध कराने के लिए जिला बेसिक विभाग द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत जनपद, तहसील और ब्लॉक स्तर पर मेडिकल एसेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाना है। उक्त शिविर में दिव्यांग बच्चों को प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराए जाने हैैं। शासन ने विगत 25 जुलाई तक तय किए कार्यक्रमों की सूची राज्य परियोजना कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तय नहीं की गई है। इस अगस्त माह के अंत तक कैंप पूर्ण कराना है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने पूर्व में जनपद का भौतिक सर्वे कराया था। सर्वे में जनपद के छह से 14 वर्ष तक की आयु वाले एक हजार से अधिक बच्चे दिव्यांग पाए गए थे। इसमें ऐसे बच्चे शामिल थे जो हाथ व पैर के अलावा सुन्ने, देखने व बोलने में भी असमर्थ हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन इन दिव्यांग बच्चों को विशेष चिकित्सीय लाभ पहुंचने के लिए एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से हर वर्ष मेडिकल एसेंसमेंट कैंपों का आयोजन करती है। गौरतलब है कि शासन ने इसी अगस्त माह के अंत तक कैंप का आयोजन पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। माह खत्म होने में लगभग 15 दिन ही शेष रहे गए हैं और अभी जनपद में यह स्थिति है कि अभी तक कैंप कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार नहीं हो सकी है। इस वर्ष के लिए कैंपों का आयोजन करने के लिए अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने विगत 18 जुलाई को शासनादेश जारी कर समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए थे कि वह आगामी दो दिनों यानि 20 जुलाई तक कैंप आयोजन कराने के लिए स्थल व तिथि निर्धारित कर लें और उन्होंने 25 जुलाई तक उक्त तय किए गए कार्यक्रम की सूची राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय तक पहुंचने के निर्देश दिए थे। शासन ने इन सब के लिए लगभग एक सप्ताह की मौहलत दी थी, यहां एक सप्ताह तो दूर पूरा एक माह बीतने वाला है, लेकिन अभी तक कैंप आयोजित करने की तिथि व स्थल तय नहीं हो पाए हैं। इस संबंध में बीते तीन-चार दिन पूर्व डीएम के समक्ष बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन अभी तक सीएमओ के साथ इस संबंध में बैठक नहीं हो सकती है, जिस कारण इसमें देरी हो रही है।
यह मिलेंगे लाभ
इस मेडिकल एसेंसमेंट कैंपों में वाक श्रवण दिव्यांगता व बैद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों के प्रमाण पत्र भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा जिन बच्चों को उपकरण और करेक्टिव सर्जरी की आवश्यकता है, उनको सहायक उपकरण व सर्जरी हेतु चिह्नित किया जाएगा। जापानी इंसेफलाइटिस एंव एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से प्रभावित बच्चों को भी चिह्नित कर परीक्षण कराया जाएगा।
शासन के दिशा-निर्देश
इस मेडिकल एसेंसमेंट कैंपों में चिकित्सक दल में आर्थोपेडिक सर्जन, ईनएटी सर्जन, नेत्र विशेषज्ञ और साइकोलाजिस्ट शामिल रहेंगे। शासन के निर्देश है कि यदि चिकित्सकों के दल में आडियोलाजिस्ट व साइकोलाजिस्ट उपलब्ध न हो तो ऐसे बच्चों का मंडल स्थल पर कराया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्साधिकारी व जिलाधिकारी की रहेगी। इसके अलावा शासन के यह भी निर्देश है कि प्रत्येक कैंप में कम से कम 50 बच्चों का प्रतिभाग कराया जाना अनिवार्य है और इसकी जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा विभाग की है। इसके अलावा इसके व्यापक प्रचार के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, इसमें जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी समेत मुख्य चिकित्साधिकारी, महिला और बाल विकास विभाग, विकलांग विभाग व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों उपस्थित रहेगें। तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी सचिव के तौर पर उपस्थित रहेंगे। ब्लॉक स्तर पर आयोजित बैठक खंड शिक्षा अधिकारियों की अध्यक्षता में संकुल प्रभारी की उपस्थिति में होगी। इसके अलावा जिला शिक्षा परियोजना समिति के अध्यक्ष यानी जिलाधिकारी के द्वारा समस्त ग्राम प्रधानों को पत्र भेजा जाएगा और अभिभावकों को भी इन कैंपों में आमंत्रित किया जाएगा।
एक कैंप के लिए मिलेंगे सात हजार रुपये
एक कैंप के आयोजन के लिए शासन द्वारा सात हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें चिकित्सकों को कैंप स्थल तक ले जाने के लिए वाहन व्यवस्था के लिए दो हजार रुपये, चिकित्सक दलों में शामिल 04 चिकित्सक व 01 साइकोलाजिस्ट के लिए 500-500 रुपये के हिसाब से 2,500 रुपये और अन्य व्यय के लिए भी 2,500 रुपये शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस संबंध में गत दिवस डीएम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जा चुकी है। अब केवल जिला चिकित्साधिकारी के साथ बैठक आयोजित करके कैंप संचालित करने की तिथि निर्धारित करनी है। एक-दो दिन में बैठक करके कार्यक्रम तय कर लिया जाएगा।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।