सिर्फ राम की गंगा नहीं मैली, हर नदी, बांध में गंदगी फैली
ललितपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंगा नदी पर दिए निर्णय के बाद अब जिले के बांध एवं नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। नगर के गोविंद सागर बांध एवं शहजाद नदी का पानी शहर के गंदे नालों व नालियों से प्रदूषित हो रहा है। इन हालातों में नगरवासियों को अपनी सेहत की चिंता सताने लगी है।
नगर की जलापूर्ति गोविंद सागर बांध पर निर्भर है। बांध से प्रतिदिन करीब 32 एमएलडी कच्चा पानी फिल्टर के लिए उठाया जाता है। जलशोधन उपरांत इसकी आपूर्ति दो हिस्सों में बंटे लोअर व अपरजोन में की जाती है, इसके अतिरिक्त ग्राम बांसी, बार, गदयाना, रजवारा, पनारी, डुलावन, नदनवारा, रोड़ा, महर्रा, कारीटोरन, बरखिरिया, खजरा गांवों में भी पेयजल की आपूर्ति होती है। इसकी अनदेखी करते हुए नगर पालिका परिषद ने आजादपुरा तृतीय, चंडीमंदिर, नेहरू नगर, देवगढ़ रोड की नालियों का मुंह बांध की ओर खोल दिया है, जिससे बांध का पानी प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या से शहजाद नदी भी जूझ रही है। इस नदी में मुहल्ला नदीपुरा की नालियों का गंदा पानी गिर रहा है जो आगे चलकर शहजाद बांध में पहुंच रहा है। इन हालात में न केवल गोविंद सागर बांध बल्कि शहजाद बांध का पानी खराब हो रहा है। इस पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। गत दिवस एनजीटी ने गंगा नदी में कूड़ा-करकट फेंकने पर पचास हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया है, इस निर्णय की नगर में प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि गंगा पर आए फैसले को प्रदेश की अन्य नदी व बांधों पर लागू किया जाना चाहिए, जिससे वे प्रदूषण से मुक्त हो सकें।
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कैप्सन अमित शुक्ला
एक जगह किया जाए स्टोरेज
नालियों में जब सीवेज का पानी मिल जाता है तो उससे पानी प्रदूषित हो जाता है। इस पानी को पीने से शरीर में लेड, मरकरी, क्रोमियम तत्व व बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं। इससे पेचिस, हैजा, पोलियो के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। नालियों के गंदे पानी को एक जगह स्टोरेज किया जाए या फिर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना हो। प्रदूषित पानी से बांध के जलीय जीव जंतुओं को भी नुकसान पहुंच रहा है।
अमित शुक्ला
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कैप्सन वंशीधर बाबू
पाइप डालकर निकालें पानी
शहर की नालियों के गंदे पानी को बांध में जाने से रोकने की जरूरत है। बांध का पानी सभी लोग पीते हैं। ऐसे में नालियों के गंदे पानी को सिंचाई विभाग कालोनी के पास पाइप डालकर शहर से बाहर किया जा सकता है। सिंचाई विभाग एवं नगर पालिका मिलकर इसकी कार्ययोजना बनाए।
वंशीधर बाबू
जिला पंचायत सदस्य
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कैप्सन अरसद खान
करेंगे स्थलीय निरीक्षण
बांध में नालियों के गंदे पानी के गिरने की जानकारी नहीं है। मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके बाद अधिशासी अभियंता के माध्यम से नगर पालिका परिषद से पत्राचार किया जाएगा।
अरसद खान
सहायक अभियंता
राजघाट निर्माण खंड
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कैप्सन संजय सिंह
धरना दिया जाएगा
गोविंद सागर बांध में नालियों का पानी गिराना चिंताजनक बात है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अफसरों से बात की जाएगी। इसके अतिरिक्त लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। किसी हालत में बांध में नालियों का पानी गिरने नहीं दिया जाएगा।
संजय सिंह
राष्ट्रीय संयोजक
जल जन जोड़ो अभियान
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कैप्सन डा. विजय द्विवेदी
गंदे पानी से पनपती बीमारियां
गंदा पानी पीने से कई तरह की बीमारियां पनपती हैं। इससे टाइफाइड, हैजा, पीलिया जैसी बीमारियां होती हैं।
डा. विजय द्विवेदी
जिला चिकित्सालय
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ध्यान दे नपा व सिंचाई विभाग
बांध में नालियों का गंदा पानी नहीं पहुंचना चाहिए। हम सभी को बांध के पानी को सुरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने माना कि कई बार मरे जानवर बांध में फेंक दिए जाते हैं। नगर पालिका परिषद एवं सिंचाई विभाग इस पर ध्यान दे। सिंचाई विभाग के पास पर्याप्त अधिकार हैं, वह इस मामले में कड़े निर्णय ले सकते हैं।
वीके श्रीवास्तव
प्रभारी अधिशासी अभियंता
जल संस्थान ललितपुर।