फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोदामें हुई फुल, एक लाख क्विंटल गेहूं पड़ा क्रय केंद्रों पर

विज्ञापन
विज्ञापन
गोदाम हुए फुल, एक लाख क्विंटल गेहूं पड़ा क्रय केंद्रों पर
विज्ञापन

ललितपुर।
जिले की सभी सरकारी गोदाम फुल होने के बाद अब अवशेष गेहूं को बारिश से बचाने की कोशिश हो रही है। इस समय एक लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं क्रय केंद्रों पर अभी भी पड़ा हुआ है। जिसे अब रेलवे की रैक लगवाकर बाहर भिजवाया जा रहा है।
शासन ने किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से एक अप्रैल से जून माह तक गेहूं की खरीद की। इस दौरान जिले में एक सैकड़ा से अधिक क्रय केंद्रों से एक लाख 13 हजार तीन सौ उन्चास मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जिसे सुरक्षित रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसे ध्यान में रखकर रेलवे की पांच रैकों के माध्यम से करीब 12 हजार मीट्रिक टन गेहूं बनारस जिले के मडुआ भिजवाया गया। वहीं, जनपद की सभी सरकारी गोदामों में गेहूूं का भंडारण करा दिया गया। इसके बाद भी गेहूं बचा रहा तो अब उसे गल्ला मंडी के चबूतरों पर रखा जा रहा है। लेकिन जो गेहूं क्रय केंद्रों पर रखा हुआ है, उसके भंडारण की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए एक और रेलवे की रैक लगाई गई है। जिला खाद्य और विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे की छटवीं रैक लग गई है। इस समय पीसीएफ का करीब एक लाख दस हजार क्विंटल गेहूं की डिलीवरी क्रय केंद्रों से नहीं हो सकी है। रेलवे की तीन और रैक लगवाकर रखे गेहूं की डिलीवरी कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत चल रही है। ग्राम रोड़ा स्थित मार्केटिंग की गोदाम में भी गेहूं का भंडारण कराया जा रहा है। उधर, सहायक निबंधक सहकारी समितियां अनूप कुमार द्विवेदी का कहना है कि क्रय केेंद्रों पर अनाज पूरी तरह सुरक्षित रखा हुआ है।
विज्ञापन


इतनी है क्षमता
बुढ़वार गोदाम में 25 हजार मीट्रिक टन, ककरुआ में 15 हजार मीट्रिक टन, अमरपुर मंडी गोदाम में 15 हजार मीट्रिक टन, नवीन गल्ला मंडी में 10 हजार मीट्रिक टन, गल्ला के मंडी के चबूतरों पर 15 हजार मीट्रिक टन, रोड़ा गोदाम में 02 हजार मीट्रिक टन अनाज रखने की क्षमता है।

बारिश की बौछारों से भीगे बोरे
ग्राम खिरिया स्थित गोदाम में डेढ़ हजार क्विंटल गेहूं रखा हुआ है। बीते दिनों बारिश की बौछारों से करीब 25-30 बोरे भीग गए। इससे बोरों में नमी आ गई थी। इस सूचना से विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। शनिवार को जिला खाद्य और विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव व सहायक निबंधक सहकारी समितियां अनूप कुुमार द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। अधिकारीद्वय ने पाया कि गेहूं को कोई नुकसान नहीं हुआ है। न तो गेहूं काला पड़ा है और न ही अंकुरित हुआ है। उन्होंने भीगे बोरों के गेहूं को नये बोरों में पल्टी कराते हुए उनकी डिलीवरी करा दी। सहायक निबंधक अनूप कुमार द्विवेदी का कहना है कि डिलीवरी उपरांत गोदाम में केवल 600 क्विंटल गेहूं रह गया है। इस संबंध में आख्या अपर जिलाधिकारी को सौंप दी है।
विज्ञापन


एफसीआई ने प्लान पर फेरा पानी
क्रय केंद्रों पर रखे एक लाख दस हजार क्विंटल गेहूं को सीधे रेलवे की रैक में डिलीवर्ड कराने की योजना पर एफसीआई ने पानी फेर दिया है। एफआईसी अफसरों ने बिना दवा के छिड़काव के गेहूं का उठान कराने से इंकार कर दिया था, जिससे क्रय केंद्रों का गेहूं वहीं रखा रह गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें