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नपा ईओ समेत पांच पर धोखाधड़ी दर्ज के आदेश

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नपा ईओ समेत पांच पर दर्ज होगी धोखाधड़ी की रिपोर्ट
अभिलेखों में हेराफेरी कर फर्जी कागजात बनाने का आरोप
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। व्हाइटनर का प्रयोग कर अभिलेखों में हेराफेरी कर फर्जी कागजात तैयार करने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, कर निरीक्षक, कर निर्धारण अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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श्रीवर्णी जैन इंटर कॉलेज के पीछे सिविल लाइन निवासी संजीव नामदेव ने 24 अप्रैल 2016 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक प्रार्थना धारा 156 (3) के अंतर्गत देते हुए बताया था कि वह पैतृक संपत्ति में निवास करता है। उक्त संपत्ति की जमीन उसकी दादी कस्तूरी बाई पत्नी पुरुषोत्तम नामदेव की है, जो उन्होंने विधिवत रुप से असगर खां से रजिस्टर्ड इकरारनामा क्रय की थी। इस पर वह उक्त भवन पर काबिज चला आ रहा है। आगे बताया कि उनके पड़ोसी रघुवर उक्त मकान पर जबरन कब्जा करने और उसे धोखा देने की नियत से नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार, कर निरीक्षक हेमंत कुमार, कर निर्धारण अधिकारी अरुण कुमार व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मी सोनी के साथ मिलकर कूटरचित प्रपत्र तैयार किए हैं। उक्त सभी ने नगर पालिका के अभिलेखों में हेराफेरी करते हुए अभिलेखों पर व्हाइटनर का प्रयोग कर इवारत को मिटाकर उसके ऊपर असत्य एवं फर्जी इवारत अंकित की है। इस संबंध में पीड़ित ने 22 दिसंबर 2015 को उपजिलाधिकारी को एक प्रार्थनापत्र दिया था, इसके संबंध में उपजिलाधिकारी द्वारा जांच भी बैठाई थी, इसकी जांच आख्या जिलाधिकारी को 14 जनवरी 2016 को प्रेषित की गई थी। इसमें कर निर्धारण सूची, वार्षिक आय गृह पेसानी नंबर दो में अंकित मकान पर एवं कर निर्धारण सूची की पेसानी नंबर नौ वार्षिक आय गृहर पर व्हाइटनर का प्रयोग किया गया और डिमार्ट रजिस्टर क्रमांक 382 के बाद 383 के स्थान पर नया शब्द लिखकर उक्त आरोपी रघुवर का नाम बढ़ाया गया है। साथ ही पीड़ित ने उक्त सभी लोगों पर उक्त प्रकरण में बीस हजार रुपए की मांग करने और मांग पूरी नहीं करने पर हत्या कराने का आरोप भी लगाया है। उक्त घटना की कराने जब वह कोतवाली भी गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। वादी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश सिंह ने 30 मई 2017 को थाना कोतवाली को उक्त प्रकरण में सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के उक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
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