हेल्मेट, सीटबेल्ट का नहीं हो रहा पालन
ललितपुर। जिला में हेल्मेट और सीट बेल्ट के साथ वाहन चलाने का पालन नहीं हो रहा है। युवाओं ने बिना हेल्मेट के दो पहिया वाहन तेज रफ्तार से चलाना आदत में शामिल कर लिया है, चाहे उन्हें चेकिंग के दौरान जुर्माना ही क्यों न देना पड़े। इसी आदत के कारण कई युवाओं को जान देकर कीमत चुकानी पड़ी। यातायात पुलिस का चेकिंग अभियान भी सुस्त पड़ा है, जिससे नियमों का उल्लंघन करना फैशन सा बन गया है। जिला में हर महीने चार सौ से लेकर पांच सौ विभिन्न प्रकार के वाहन खरीदे जा रहे हैं। वाहन डीलर दो पहिया वाहनों की बिक्री तो करते हैं, लेकिन वाहनों के साथ हेल्मेट नहीं देते हैं। इससे अधिकांश वाहन चालक जीवन की सुरक्षा से संबंधित सबसे जरूरी हेल्मेट नहीं खरीदते हैं। दो पहिया वाहनों के लिए लोग चालीस से लेकर 70-80 हजार रुपये तक खर्च करते हैं, लेकिन वाहनों के साथ खुद की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी हेल्मेट जो सात-आठ सौ और अधिकतम दो हजार रुपये तक में आ जाता है, वह नहीं खरीदते हैं।
परिवहन विभाग भी ऐसे डीलर्स के लिए हेल्मेट देने के लिए जरूरी कदम या आदेश जारी नहीं करता है, जिससे अधिकांश दुर्घटनाओं में बिना हेल्मेट के वाहन चलाने पर लोग सबसे अधिक चुटहिल होते हैं या फिर कई बार तो जान से भी हाथ धोना पड़ता है। यही स्थिति चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट की है। शायद ही कोई कार चालक इस नियम का पालन करता हो।
शहर में बिना हेल्मेट के दो पहिया वाहन चालक युवा सड़कों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार में फर्राटा भरते नजर आ जाते हैं और कई बार इसी स्पीड में वाहन चलाना दूसरों के लिए भारी पड़ जाता है। स्टेशन रोड पर पिछले कुछ महीनों में कई दुर्घटना हुईं, जिनमें लापरवाही व तेज गति से वाहन चलाने के दौरान हुई दुर्घटनाओं में कुछ युवाओं की मौत तक हो चुकी है। इसके बाद भी रफ्तार पर नियंत्रण नहीं लग सका है और न ही युवाओं में बिना हेल्मेट के वाहन चलाने की आदत बदल सकी है। बिना हेल्मेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने की आदत बदलने के लिए कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट को टिप्पणी करनी पड़ी थी। इसके बाद भी बिना हेल्मेट या बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान सुस्त पड़ा हुआ है।
बुधवार का दिन वाहन चेकिंग के लिए निर्धारित था, जिसमें बिना हेल्मेट और बिना सीट बेल्ट बांधे चार पहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता था। लेकिन, अब इसे खत्म करके कभी भी चेकिंग की जाती है। यातायात विभाग द्वारा नियम विरुद्ध वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसे अभियान को और तेज करेंगे तथा लोगों को वाहन चलाने के दौरान सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करेंगे।
- नासिर अली, सहायक यातायात प्रभारी निरीक्षक।