तिथि व लक्ष्य तो निर्धारित, योजना का नहीं पता
साक्षरता परीक्षा योजना का हाल, 31 दिसंबर से बंद पड़ी है योजना
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शासन ने साक्षर भारत मिशन योजना के तहत माह मार्च में आयोजित होने वाली साक्षरता परीक्षा की तिथि व परीक्षार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। जबकि प्रदेश में विगत 31 दिसंबर से यह योजना बंद पड़ी हुई है। ऐसे में अब यह सवाल खड़ा होता है कि बिना जिला और ब्लॉक समन्वयकों और प्रेेरकों के यह परीक्षा और इसका लक्ष्य कैसे पूर्ण हो सकेगा।
प्रदेश के कुल 75 जनपदों में से 66 जनपदों में साक्षर भारत योजना संचालित हो रही है। इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में 15 वर्ष से अधिक आयु वाले निरक्षर लोगों को साक्षर करना है। जनपद में यह योजना 2012 से संचालित की जा रही है। जनपद की समस्त 340 ग्राम पंचायतों पर साक्षरता केंद्र संचालित हो रहें और प्रत्येक केंद्र पर एक महिला और एक पुरुष प्रेरक तैनात होते हैं, तो लोगों को केंद्र तक लाने और उन्हें पढ़ाने का काम करते हैं। इसके साथ ही जिला व ब्लॉक स्तर पर समन्वयक तैनात है। इस योजना की समय सीमा विगत 31 दिसंबर को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद से इस योजना के तहत जनपद में संविदा पर तैनात दो जिला समन्वयक व छह ब्लॉक समन्वयक समेत 680 महिला-पुरुष प्रेरकों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और इसके नवीनीकरण के संबंध में पिछले डेढ़ माह में कोई भी शासनादेश नहीं आया है। अब हाल ही में विगत सात फरवरी को साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक अमर नाथ वर्मा ने आदेश जारी करके मार्च माह में होने वाली परीक्षा की तिथि व लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। मार्च माह की परीक्षा 25 मार्च को आयोजित की जानी है। वहीं 25 हजार निरक्षर लोगों को साक्षरता परीक्षा दिलानें का लक्ष्य भी शासन ने निर्धारित किया है। बिना प्रेरकों के इस लक्ष्य को पूरा कर पाना आम बात नहीं है। ग्राम पंचायतों पर तैनात समस्त 680 प्रेरक ही अपने-अपने क्षेत्र में निरक्षर लोगों को पढ़ाने और परीक्षा देने के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं। बिना प्रेरकों व समन्वयकों के बेसिक शिक्षा विभाग को इस लक्ष्य के सापेक्ष साक्षरता परीक्षा आयोजित कराना आसान बात नहीं होगी।
अभी प्राप्त नहीं हुआ कोई आदेश
परीक्षा की तिथि व लक्ष्य के सम्बंध में जो शासनादेश जारी हुआ है, वह प्राप्त हो चुका है, लेकिन अभी परीक्षा आयोजित कराने के सम्बंध में शासन के दिशा निर्देशों का इंतजार है। परीक्षा की तिथि को अभी काफी समय है, हो सकता है कि शासन प्रेरकों व समन्वयकों को नवीनीकरण कर दे। यदि शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश जारी करता है तो खंड शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।
- अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।