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चिंतन पार्क की दीवार पर झलकते जाम

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आया नया साल फिर से पार्क हैं बदहाल
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ललितपुर। नया साल आ गया इसके बाद भी नगर पालिका परिषद द्वारा शहर में बने पार्कों के रखरखाव पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया रहा है। सुपर मार्केट के पीछे बने पार्क को आम जनता के लिए अभी तक नहीं खोला गया है। इसके विपरीत यहां अराजकतत्वों ने अपना अड्डा बना रखा है।
शहर में एक दर्जन से ज्यादा पार्क बनाए गए हैं। इनमें डा. अंबेडकर पार्क, कांशीराम पार्क, चंद्रेशखर उद्यान पार्क, आईटीआई के पीछे कालोनी का पार्क, महिला पार्क, महाराजा अग्रसेन पार्क, बाबू ज्ञानचंद अलया पार्क, डा. सतीश सुड़ेले व अमित चतुर्वेदी के आवास के बगल में पार्क प्रमुख हैं। अमृत योजना के तहत बनाए जा रहे पार्क को छोड़कर अन्य पार्कों की स्थिति ठीक नहीं है। चंद्रशेखर उद्यान पार्क में मूत्रालय दुर्गंध छोड़ रहे हैं। इसके अलावा दो फव्वारों में से एक ही चलाया जाता है। महाराजा अग्रसेन पार्क की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। डा. सतीश सुड़ेले के आवास के बगल में बने पार्क में आम आदमी के बैठने का उचित का इंतजाम नहीं है। महिला पार्क का भी यही हाल है। जिस कारण इन पार्कों से आम जन मानस दूरियां बनाए हुए है। सुपर मार्केट के पीछे बना बाबू ज्ञानचंद अलया पार्क तालाबंदी का शिकार है। इसके मुख्य गेट के बगल में गंदगी फैली रहती है तो पार्क के अंदर शराब की बोतल, गिलास पड़े रहते हैं। इसकी दीवार के पास खड़े होकर शराबी शराब पीते हैं। इस पार्क को भले ही चिंतन पार्क का नाम दिया गया हो लेकिन इसे बुद्घिजीवियों के लिए खोला ही नहीं जाता है। जेल चौराहे के पास बने कांशीराम पार्क का और भी बुरा हाल है। यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। वहीं, डा. अंबेडकर पार्क का रंग रोगन जन्म दिवस एवं पुण्य तिथि पर हो जाता है। इसके बाद इस पार्क की कोई सुध लेने वाला नहीं है।
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सुनिश्चित कराया जाएगा पार्को का रखरखाव
पार्कों के सुंदरीकरण की ओर पालिकाध्यक्ष का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा। जहां तक सुपर मार्केट के पीछे बने पार्कों के आसपास सफाई की बात है तो दूरसंचार कार्यालय के पास शौचालय का निर्माण हो रहा है। इसके उपरांत सफाई की समस्या का निदान स्वत: हो जाएगा।
आलोक जैन मयूर, सभासद
पार्क की सुंदरता पर ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए पार्क में बैंच डलवाई जाए व सफाई को दुरुस्त रखने के लिए मूत्रालय का निर्माण कराया जाए। पार्क के पसरे अतिक्रमण की ओर जल्द ही पालिकाध्यक्ष का ध्यान आकर्षित कराया जाएगा।
अजय अलया
जीएसटी एवं इनकम टैक्स अधिवक्ता
पार्को में बुनियादी सुविधाओं का हो इंतजाम
जब तक पार्कों में बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम नहीं होगा तब तक पार्कों में भीड़ जुटने वाली नहीं है। नगर पालिका परिषद ने चंद्रशेखर उद्यान पार्क पर ही लाखों रुपये लगाया है। लेकिन अन्य पार्कों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया है। इस कारण अधिकतर पार्क उजड़े नजर आ रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष को चाहिए कि वह सभी पार्कों का विकास करे।
आशीष चौरसिया, दुकानदार
नाम के अनुरूप पार्क को संवारा जाए
बाबू ज्ञानचंद अलया के नाम पर चिंतन पार्क बना दिया गया लेकिन जब तक पार्क में आम जन मानस बैठेंगे नहीं तब तक चिंतन कैसे कोई कर पाएगा? इस पार्क की सबसे खराब स्थिति है। इसके आसपास शराबियों का जमावड़ा दिन भर बना रहता है।
दिनेश जैन रानू
रेडीमेड वस्त्र विक्रेता
अग्रसेन पार्क के आए दिन रहते ताले बंद
महाराजा अग्रसेन पार्क के कभी गेट खुल जाते हैं तो कभी बंद रहते हैं। जब तक पार्क नियमित रूप से नहीं खोला जाएगा तब तक नगरवासी पार्क की ओर कैसे रुख करेंगे। यदि अग्रसेन पार्क व बाबू ज्ञानचंद्र अलया पार्क का सुंदरीकरण हो जाए तो खुद ब खुद व्यक्ति पार्क की ओर खिंचते चले आएंगे।
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राजीव कुमार, स्थानीय नागरिक
पार्कों में बढ़ाई जाएगी सुविधाएं
पार्कों के सौंदर्यीकरण पर पूरा ध्यान दिया जाएगा, जिन पार्कों के नियमित नहीं खुलने की शिकायत प्राप्त हो रही है, उन्हें समय से खुलवाया जाएगा। नगरवासियों की हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा।
रजनी साहू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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