कृषि उत्पादन मंडी समिति ने मनाया ई-नाम दिवस
सरकार की मंशा कैशलेस हो मंडी का व्यापार
ललितपुर। गल्ला मंडी परिसर सभागार में ई-नाम ( इलैक्ट्रानिक राष्ट्रीय कृषि बाजार ) दिवस मनाया गया। केंद्र सरकार द्वारा देश को कैशलेस बनाए जाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी है। इससे किसानों को उनके कृषि उत्पादन का भुगतान सीधे उनके खातों में पहुंचाता है। योजना को बढ़ावा दिए जाने के लिए माह की प्रत्येक 14 को एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम का आयोजन मंडी सभापति / एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें ई-नाम परियोजना के अंतर्गत सर्वाधिक कारोबार करने वाले व्यापारियों व किसानों को शॉल, प्रशस्ति पत्र व माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। मंडी सभापति योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत उनका उद्देश्य है कि गल्ला मंडी का व्यापार कैशलेस हो ताकि सरकार को पूरा कर प्राप्त हो सके किसानों को नकदी के कारण होने वाली समस्याओं से निजात मिल सके। कार्यक्रम के तहत हर तिमाही में सर्वाधिक व्यापार करने वाले व्यापारियों को ई-नाम भूषण तथा सर्वाधिक बिक्री करने वाले किसान को ई-नाम कृषक की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। तथा
व्यापारी व किसान को एक-एक स्मार्ट फोन उपहार में दिए जाने की भी भविष्य में योजना है। ई-नाम परियोजना के तहत व्यापारी को राष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेट के माध्यम से पहचान मिलती है। किसी भी मंडी से ऑनलाइन व्यापार कर सकता है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है। कृषक अमित सिंह बिरधा तथा इंद्रपाल सिंह को ई-नाम कृषक की उपाधि से सम्मानित किया गया। व्यापारी फर्म रामेश्वरदास केदारनाथ तथा एसपीआर इंडस्ट्रीज को ई-नाम श्री की उपाधि से सम्मानित किया गया। मंडी सचिव पुष्पेंद्र कुमार ने किसानों व व्यापारियों से अपील की है कि इस केंद्रीय योजना का लाभ उठाकर देश को कैशलेस बनाएं। इस दौरान गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक, संजीव कप्तान प्रसन्न जैन, सुरेंद्र, अक्षय दिवाकर, आलोक जैन, रामबाबू, माहेश्वरी, प्रमोद गुप्ता, संतोष, शीलचंद्र, अंकित जैन आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मंडी सहायक अटल बिहारी रावत ने किया।