वेटिंग रूम में गंदगी देख भड़के सीएमएम
ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान सीएमएम को जगह-जगह गंदगी मिली। प्लेटफार्म नंबर एक के वेटिंगरूम के टॉयलेट में बदबू आने पर ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई, साथ ही जुर्माना के लिए मंडलीय अधिकारियों से संस्तुति की। रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करने पर जगह-जगह अव्यवस्थाएं हावी देेखी गई।
चीफ मैटेरियल मैनेजर ए के अग्रवाल ने सोमवार को रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर साफ-सफाई व यात्री सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मर नंबर एक पर जगह-जगह गंदगी पाई। प्लेटफार्म नंबर एक पर बने यात्री प्रतीक्षालयों का भी निरीक्षण किया, जहां टॉयलेट से बदबू आने पर उन्होंने ठेकेदार को तलब किया और ठेकेदार को जमकर फटकार भी लगाई और वेटिंग रुम में हर समय साफ-सफाई करने के निर्देश दिए, ताकि यहां यात्रियों के लिए बैठने में असुविधा न हो। उन्होंने टॉयलेट से बदबू आने पर ठेकेदार के खिलाफ जुर्माना लगाने के लिए मंडलीय अधिकारियों को संस्तुति कर दी। वहीं, पूछताछ कार्यालय और प्लेटफार्म पर अतिरिक्त फर्नीचर लगाए जाने की जरूरत भी महसूस की। उन्होंने कर्मचारियों को भी अपनी ड्यूटी के दौरान इधर-उधर न टहलने की सलाह भी दी। पूछताछ कार्यालय के बाहर मुख्य गेट के पास यात्रियों सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही डिस्प्ले भी जांचें। उन्होंने जीआरपी थाने के सामने वाले फुट ओवर ब्रिज पर और प्लेटफार्म पर लगे ट्रेन की जानकारी देते डिस्प्ले की जांच भी की, जिसमें कुछ डिस्प्ले गलत जानकारी देते मिलने पर सुधरवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने टिकट काउंटरों पर जाकर भी यात्रियों सुविधाएं जांची, जहां एक टिकट काउंटर संचालित होते पाया गया, जबकि बाकी काउंटरों पर कंप्यूटर शोपीस बने हुए पाए। उन्होंने यहां यात्रियों से भी टिकट काउंटर पर टिकट वितरण के संबंध में पूछताछ कर हकीकत जानने की कोशिश भी की। टिकटघर में लगाई गई, तीन टिकट वेडिंग मशीन भी शोपीस बनी हुई पाई गई। उन्होंने टिकट काउंटर से टिकटों की बिक्री से राजस्व की जानकारी भी ली। उन्होंने रेलवे स्टेशन के मुुख्य गेट के बाहर वाहन स्टैंड का निरीक्षण भी किया, जहां उन्हें बताया गया कि वाहन स्टैंड का ठेकेदार ठेका छोड़कर भाग गया है, जिससे यहां यात्रियों के लिए वाहन रखने में हो रही असुविधा हो रही है। इसके बाद उन्होंने देवगढ़ क्रॉसिंग गेट के पास मालगोदाम का भी निरीक्षण किया और बेकार पड़े रेल मैटेरियल के बारे में भी जानकारी जुटाई।