सालों पुराने नगर के सीमा विस्तार को दिलाई मंजूरी
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद के बोर्ड ने जनता की अपेक्षानुरूप काम किया है। घंटाघर को नया रूप देने से लेकर चंद्रशेखर उद्यान पार्क, आजाद बाल क्रीड़ा स्थल, सामुदायिक केंद्रों का निर्माण, मूर्तियों की स्थापना और वर्षों पुराने लंबित नगर के सीमा विस्तार और नेहरू नगर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए अटल अमृत योजना को मंजूरी दिलाना पंचवर्षीय कार्यकाल की मुख्य उपलब्धियां रही हैं। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने एक मुलाकात के दौरान यह बात कही है।
उन्होंने कहा कि सुम्मेरा तालाब की बदहाली को ध्यान में रखकर इसके चारों ओर चहारदीवारी, फुटपाथ का निर्माण, तटबंध पर प्रकाश व्यवस्था, जनता को बैठने के लिए बैंचों की स्थापना व छोटे बगीचे का निर्माण कराने का प्रस्ताव दिया था। इसे तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने स्वीकृत प्रदान की। भगवान के जल विहार पर पालिका की ओर से विमानों की मंगला आरती की शुरुआत की गई। ललितपुर महोत्सव को व्यापकता देते हुए खेल महोत्सव आरंभ कराया। 40 साल से लंबित नगर के सीमा विस्तार को शासन से मंजूरी दिलाई। इसके लटके होने से वार्ड नंबर सात, 15 व 31 का विकास बाधित हो रहा था। नेहरू नगर के चुनाव में शामिल होने के बाद बहुत बड़ा एरिया विकास से वंचित रह जाता था। इसी मुहल्ले में पेयजल के स्थायी समाधान के लिए अटल अमृत योजना में चौबीस करोड़ का प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री से स्वीकृत कराया। इससे नेहरू नगर के साथ चांदमारी में भी पेयजल की समस्या नहीं रहेगी। सुपर मार्केट, तालाबपुरा में बारिश के दिनों में निकलना दूभर हो जाता था। यहां सड़क का निर्माण कराकर रास्ता सुगम बनाया। कंपनी बाग में बच्चों के लिए चाइनीज हट, एक्यूपंक्चर पाथवे, फाउंटेन, चायनीज हट, जिमनेजियम हॉल, वर्णी चौराहे व परमानंद मूर्ति स्थल पर फाउंटेन, आजाद बाल क्रीड़ा स्थल में झूले, तुवन मंदिर परिसर, चंडीमाता परिसर, हनुमान धारा परिसर, बलखंडी मंदिर परिसर में सामुदायिक केंद्र, विष्णपुरा व गांधीनगर में कबीरपंथी रैन बसेरा का निर्माण कराया। झांसीपुरा में बुद्ध विहार, बूढे़ बाबा मंदिर परिसर में पेवर ब्रिक्स, चाहरदीवारी, कोतवाली के सामने हाईमास्क ध्वज लगवाया। इसके अतिरिक्त रैन बसेरा में एपीजे अब्दुल कलाम सौर ऊर्जा प्लांट लगेगा। इससे कंपनी बाग, सुपर मार्केट, आजाद बाल क्रीड़ा स्थल, तुवन रोड रोशन होगा। अन्ना जानवरों की समस्या से निपटने के लिए कान्हा आश्रय योजना के तहत कांजी हाउस को मंजूरी दिलाई। विभिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महापुरुषों को मूर्तियां स्थापित की गई। गोविंद सागर बांध के पानी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए पृथक से सीतापाठ परिसर में मुक्तिधाम का निर्माण कराया है। वहीं, राजर्षि पुरूषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय को संवारा गया। इसमें वाईफाई की सुविधा के साथ छात्रों को पाठ्यक्रम से संबंधित किताबों की व्यवस्था की गई है।
इन पर नहीं हो पाया काम
स्टेशन रोड से लेकर फोरलेन तक पीडब्ल्यूडी की एक दर्जन से ज्यादा पुलियां हैं, जिनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिए जाने से बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसी तरह गोविंद सागर बांध की नहर खुली होने से सफाई व मच्छरों की समस्या बनी रहती है। सिंचाई व पीडब्ल्यूडी के अफसरों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। नगर में भूमि की कमी के चलते टैक्सी स्टैंड व पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्वीमिंग पुल भी इसी के चलते नहीं बन सका है। आडीटोरियम को मंजूरी मिलने के बाद 80 लाख रुपये की एक किस्त आ गई थी। लेकिन, तकनीकी खामी के चलते इसका पैसा वापस चला गया। इससे यह भी लटक गया। हवाई पट्टी को चालू कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा था जो अब रक्षा मंत्रालय में अटका हुआ है। सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी भूमि की कमी के चलते नहीं बन सका।
अधूरा रह गया चुनावी घोषणा पत्र
पालिका अध्यक्ष ने चुनाव के दौरान ग्रीन ललितपुर, ऑडीटोरियम व स्वीमिंग पुल बनवाने का जनता से वायदा किया था, जिसे पूरा नहीं किया जा सका है। हालांकि पालिकाध्यक्ष ग्रीन ललितपुर का वायदा पूरे होने का दावा ठोक रहे हैं।
ये रहे चर्चा में
पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल में कुछ मामले भी उछले। जिनमें हनुमान धारा का सामुदायिक केंद्र निर्माण, आपे कवर्ड, एलईडी व ट्रैक्टर ट्राली खरीद चर्चा में रहे। पालिकाध्यक्ष कहते हैं कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार हुई हैं। सात अफसरों के हस्ताक्षर के बाद उनकी बारी आती है।
जनता चाहेगी तो सेवा के लिए आएंगे सामने
पालिकाध्यक्ष जायसवाल का कहना है कि वर्ष 2012 के चुनाव में उम्मीद से जनता का प्यार मिला। चुनाव में 24 हजार आठ सौ चालीस मत मिले थे और विपक्षी उम्मीदवार को 11 हजार सात सौ छियासी मतों से हराया था। यदि इसी तरह जनता का प्यार मिलेगा तो सेवा के लिए तत्पर रहेगें।
चार अगस्त को होगा कार्यकाल समाप्त
पालिकाध्यक्ष का कहना है कि चार अगस्त को पहली बोर्ड बैठक हुई थी। इसी दिन कार्यकाल का समापन होगा।