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इंटरनेट कनेक्टीविटी के अभाव में शोपीस बनी ईपीओएस मशीन

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राशन वितरण के पहले दिन ही इंटरनेट ने किया परेशान

ललितपुर।
ईपीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर रियायती दरों पर राशन वितरण करने की व्यवस्था शुरुआत में ही सिसकियां भरते दिखाई दे रही है। बुधवार से उचित दर दुकानों पर वितरण प्रारंभ होना था। लेकिन करीब आधा दर्जन दुकानों पर मशीनों ने काम नहीं किया तो कई जगहों पर इंटरनेट की कनेक्टीविटी नहीं हो पाई। इससे राशन वितरण नहीं हो सका। इसको लेकर कार्डधारकों में रोष देखा गया।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उचित दर की दुकानों से कार्डधारकों को दो रुपये किलो और तीन रुपये किलो चावल वितरित किया जाता है, जिसे पारदर्शी बनाने के लिए दुकानों पर ईपीओएस (इलेक्ट्रानिक पांइट्स ऑफ सेल) मशीन लगाई गई। जिसमें शहर की सभी 48, पाली नगर की 04, महरौनी नगर की 04, तालबेहट नगर की 04 व ब्लाक जखौरा के थनवारा व सीरोनखुर्द की दुकान शामिल है। इस माह से इन सभी दुकानों पर ईपीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर राशन का वितरण किया जाना है। इसकी शुरुआत पांच जुलाई से हुई। पहले ही दिन मुहल्ला चौबयाना स्थित कोटेदार वीरेंद्र जैन, रावरपुरा में कोटेदार संजय कटारे की दुकान पर इंटरनेट कनेक्टीविटी नहीं मिली। इससे कार्डधारकों को बैरंग वापस लौटना पड़ा तो कई कार्डधारक कनेक्टीविटी के इंतजार पर घंटों दुकान पर बैठे रहे। पुरानी बजरिया स्थित महेंद्र जैन की दुकान पर स्थिति सामान्य रही। यहां मशीन पर इंटरनेट से कार्डधारक का ब्योरा डाउनलोड हो रहा था। हालांकि कुछ कार्डधारकों को ब्योरा नहीं खुलने के अभाव में दुकान से वापस लौटना पड़ा। मुहल्ला चौबयाना में ही क्रय विक्रय समिति की दुकान पर कोटेदार व कार्डधारक इंटरनेट की धीमी स्पीड से काफी परेशान रहे। कोटेदार का कहना है कि सुुबह साढ़े आठ बजे तक केवल सात कार्डधारकों को ही राशन दिया जा सका है। अन्य कार्डों का ब्योरा डाउनलोड करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, इसमें इंटरनेट की सही कनेक्टीविटी नहीं मिल रही है।
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कैप्सन सटोले
भुन्सारे होत ही राशन की दुकान पर आ गए थे। साढ़े दस बज गए और नंबरई नहीं आ पाऊ। वैसई तो चल फिर नहीं पात। हम उठत तो दुकानदार बार-बार बैठाए देत। कत है कि मशीन में नेट जुड़ जाए तो राशन पेले तुम्हे मिले। ई आश में बैठे हैं भूख अलग लग आई। का करें लौट जाए का।
सटोले
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कैप्सन चंपाबाई
सुबह नौ बजे से दुकान पर राशन लेने के लिए आए थे लेकिन अभी तक उसका नंबर नहीं आ पाया है। नेट की परेशानी हो रही है। जिससे राशन नहीं बंट पा रहा है।
चंपाबाई
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कैप्सन अब्दुल लतीफ
सुबह दस बजे राशन लेने के लिए आ गए थे। मशीन पर इंटरनेट नहीं आ रहा है जिससे राशन बंट नहीं पा रहा है। सभी लोग इंटरनेट आने के इंतजार में बैठे हैं। यदि यही हाल बना रहा तो राशन मिलना मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन को इस पर विचार करना होगा।
अब्दुल लतीफ

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कैप्सन कौशल्या सोनी
के रय नेट नहीं आ रओ। कैसो नेट है कि मशीन को पकड़ तओ नइयां। पेले राशन पर आतते और बगैर परेशानी के गेहूं, चावल मिल जाततो। अब तो राशन पर बैठे-बैठे हैरानई गए। भैया हमाओ नंबर लगवा दो।
कौशल्या सोनी

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कैप्सन किशनबाई
सुबह नौ बजे से राशन लेने दुकान पर आएते। लेकिन नंबरिये नहीं आ रओ। कुजाने सरकार ने कया कर दओ। कोटेदार बैठे और हम सब बैठकर रह गए। हमें लगत काल राशन लेवे आने आए।
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किशनबाई

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कैप्सन फूलन झां
सुबह आठ बजे से बिना खाए पीए राशन पर बैठे हैं। न तो चल पात और न बैठ पात। का करे जातो मुसीबत हो गई। राशन मिलतई नहीं दिखात। का करें भैया घरे लौट जावे।
फूलन झां

इंटरनेट कनेक्टीविटी एवं मशीनों में गड़बड़ी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिन दुकानों पर मशीन काम नहीं कर रही हैं, उन्हें कल तक बदलवा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जहां इंटरनेट कनेक्टीविटी नहीं हुई है उन दुकानों पर वितरण रोक दिया गया है। जब इंटरनेट कनेक्टीविटी आएगी तब उसका वितरण होगा।
डीएसराम
जिला पूर्ति अधिकारी ललितपुर।
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