कठवर में डायरिया से पांच दिन में तीसरी मौत
ललितपुर। ग्राम कठवर में पांच दिनों में तीसरी मौत होने से स्वास्थ्य विभाग समेत जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। डायरिया बीमारी से एक ही गांव में लगातार मौतें होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग कठवर गांव में डायरिया की बीमारी पर कंट्रोल होने का अब भी दावा कर रहा है। बीते 16 अगस्त को गांव में सबसे पहले एक साढ़े छह वर्षीय बच्चे की मौत डायरिया की वजह से हुई थी और इसके अगले ही दिन उसी परिवार में एक 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत भी हो गई थी, जबकि अभी भी इस गांव में कई और लोग भी इस बीमारी की चपेट में हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अब गांव में पांचवें दिन तीसरी मौत होने से स्वास्थ्य विभाग भी सकते में है।
ब्लॉक बार के अंतर्गत ग्राम तुर्का के मजरा कठवर में करीब दो सप्ताह पूर्व से संक्रामक बीमारी डायरिया की बीमारी फैली हुई है, जिस ओर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी के फैलने के दौरान शुरुआत में कोई विशेष ध्यान नहीं दिया, लेकिन बीमारी से पीड़ित मरीज पर यह बीमारी हावी होती चली गई और पांच दिन पहले 16 अगस्त को गांव में सबसे पहले एक साढ़े छह वर्षीय बच्चे गुड्डू पुत्र जयप्रकाश की डायरिया से मौत हो गई थी। वहीं, उसी दिन गीता देवी (40) पत्नी मुन्ना लाल पटैरिया की तबीयत बिगड़ने से उनके परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार लेकर आए। जहां गीता देवी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। साथ ही बुधवार की शाम सीएचसी में भर्ती हुए रतीराम पटैरिया (75) व ललि देवी पत्नी सुरेश कुमार की भी हालत नाजुक होने की वजह से रात में जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया। इस गांव में करीब एक दर्जन बच्चे व महिलाएं एवं पुरुष संक्रामक बीमारी डायरिया के प्रकोप से जूझ रहे हैं। इसके बाद जिस बच्चे की मौत हुई उसी परिवार के जयप्रकाश (42वर्ष)पुत्र राधेश्याम पुरोहित की मौत भी डायरिया की वजह से हो गई थी। लगातार दो मौतें होने से गांव में जहां माहौल गमगीन बना हुआ था, वहीं स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंताएं भी डायरिया को कंट्रोल करने को लेकर बढ़ती जा रही थीं। लेकिन अब पांचवें दिन सोमवार को ग्राम कठवर में ही बीमारी से ग्रसित महिला गीता पटैरिया(45वर्ष) की हालत बिगड़ने पर उनकी भी मौत हो गई है। बताया गया कि पांच दिन पूर्व गीता को डायरिया की शिकायत के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार और फिर वहां से रेफर करने के बाद जिला चिकित्सालय में इलाज चला। 18 अगस्त को उनके स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से घर लाया गया था। लेकिन अगले दिन शाम को ही फिर से उन्हें घबराहट और बेचनी होने पर फिर से सीएससी में उपचार शुरु किया और वहां से जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरु कर दिया, लेकिन सोमवार को अब हालत नियंत्रण से बाहर होने पर उनकी मौत हो गई। गांव में लगातार हो रही मौतों से जहां ग्रामीण दहशत में है वहीं स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। गांव में अब भी करीब एक दर्जन लोग बीमारी से ग्रसित हैं। जिनका इलाज किए जाने की बात खुद स्वास्थ्य विभाग भी स्वीकारता है और इस बीमारी के नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें भी काम कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने फिर लगाई गांव में सात सदस्यीय टीम
कठवर गांव में तीसरी मौत होने के चलते स्वास्थ्य विभाग ने सात सदस्यीय टीम को डायरिया व अपन्य संक्रामक बीमारी के प्रति अलर्ट जारी कनरते हुए फिर से तैनात कर दिया है। टीम में डा.राजेश भारती, हरीश तिवारी, सीताराम निरंजन, कमल किशोर, डा. शशांक साहू व एएनएम क्रांति नामदेव को शामिल किया गया है।