फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैं वो चिराग हूं जिसे तूफान बुझा न पाऐंगे....

विज्ञापन
विज्ञापन
मैं वो चिराग हूं जिसे तूफान बुझा न पाऐंगे...
विज्ञापन

संत नामदेव महाराज की पुण्यतिथि में कवि सम्मेलन आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। संत नामदेव महाराज की पुण्यतिथि एवं महाकवि फिल्मी गीतकार स्व. गोपालदास नीरज की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन नामदेव समाज मंदिर तालाबपुरा में किया गया। साथ ही यहां उनकी याद में साहित्यिक संस्था हिंदी, उर्दू, अदबी, संगम के बैनर तले कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इसमें कवियों, साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट रामकृष्ण कुशवाहा ने अपनी रचनाएं पढ़ते हुए कहा कि तुम भुलाना भी चाहो तो हमें भुला न पाओगे, दिल के कागज से मेरा नाम मिटा न पाओगे। सदियों तक बिखरेगी मुहब्बत की रोशनी, मैं वो चिराग हूं जिसे तूफान बुझा न पाएंगे। सुमनलता शर्मा चांदनी ने कहा कि संत शिरोमणि के चरणेें में हम सुमन चढ़ाते हैं, श्रद्धा से हम अपना बारंबार शीश झुकाते हैं। केके पाठक ने कहा बहुत दिनों से मिलने आए मेरा मित्र सुदामा, कहां ठिकाना रहे बनाए मेरे मित्र सुदामा। रामस्वरुप नामदेव अनुरागी ने कहा कि संत उपासक नामदेव जाने सारा जहान, घर-घर में देखे प्रभु ऐसे संत महान। कवियित्री पूनम रानी ने कहा कि सदियों की तरह गुजरे दिन इंतजार के, लौटकर नहीं आते दिन बहार के। अशोक क्रांतिकारी ने कहा फूल खिले तो कांटे भी, आपस में सुख दुख बांटे भी। दशरथ सिंह पटेल परदेशी ने कहा कि जो दिल के पास होता है, उससे रिश्ता खास होता है। किशन सिंह बंजारा ने कहा कि जैसे ही मौत आई हमने एक कविता सुनाई, जब से कविता सुनाई, आज तक मौत नहीं आई। कवि काका ललितपुरी ने कहा कि थोड़ा सूख भी न पाया किदार हमारा, दूसरा तैयार हुआ सरदार हमारा। इस मौके पर शिखरचंद मुफलिस, एमएल भटनागर, श्यामलाल श्याम, के अलावा अमन नामदेव, रामनिवास, केशवदास, राजाराम, प्रताप, जगदीश, अशोक, ओमप्रकाश, कैलाश नारायण, अजय कुमार, किशोरीलाल, राधेश्याम, दिनेश कुमार, निर्मल कुमार, मनोहरलाल, विनोद नामदेव, विजय कुमार, बृजेश कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें