समितियों के चुनाव स्थगित होने से दावेदारों को झटका
ललितपुर।
सहकारी समितियों के चुनाव स्थगित होने से दावेदारों को तगड़ा झटका लगा है। अब उन्हें निकाय चुनाव पूरे होने का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, इस दौरान मतदाता सूची का दुरुस्त करने का काम चलता रहेगा।
प्रदेश में सहकारिता विभाग की प्रारंभिक से लेकर केंद्रीय सहकारी समितियों का चुनाव वर्ष 2012 के माह अक्तूबर से लेकर जनवरी 13 के मध्य हुआ था। इस तरह प्रबंध कमेटी का कार्यकाल माह अक्तूबर 17 से लेकर जनवरी 18 के मध्य समाप्त हो रहा है। इसके मद्देनजर सहकारी समितियों के प्रबंध कमेटी के निर्वाचन से पूर्व उनके सामान्य निकाय के गठन के लिए प्रतिनिधियों का निर्वाचन कराया जाना आवश्यक है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त गंगादीन यादव ने सामान्य निकाय के गठन के लिए प्रतिनिधियों, प्रबंध कमेटी के सदस्यों, सभापति, उप सभापति और अन्य समितियों के निर्वाचन का कार्यक्रम जारी कर दिया था। इसमें सात अक्तूबर से नामांकन दाखिल होने की प्रक्रिया आरंभ होनी थी। इसे लेकर विभाग में तैयारी तेज हो गई थी। लेकिन ऐन वक्त पर सहकारी समितियों के चुनाव को टाल दिया गया। इसके पीछे निकट भविष्य में होने वाले निकाय चुनाव को माना जा रहा है। इस चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित थी। उन्होंने इस चुनाव में सपा को पटखनी देने का मन बना लिया था। वर्तमान में सहकारी समितियों में सपा का दबदबा है।
ऐसा चुने जाएंगे पदाधिकारी
शुरुआत में नौ सदस्यों का संचालक मंडल गठित होगा। इसमें सभापति, उपसभापति चुने जाएंगे। इसके पश्चात बैंक अध्यक्ष का चुनाव होगा।
यह हुए संशोधन
पहले प्रबंध कमेटी में एक महिला, एक अन्य पिछड़ा वर्ग और एक अनुसूचित जाति का सदस्य चुना जाता था। अब दो महिला, एक अन्य पिछड़ा वर्ग एवं एक अनुसूचित जाति से सदस्य चुना जाएगा। एक सौ बीस दिन की जगह अब 45 दिन पूर्व सहकारी समिति का सदस्य बन सकता है, जो निर्वाचन प्रक्रिया में प्रतिभाग कर सकता है। प्रबंध कमेटी में आरक्षित क्षेत्रों से किसी कारणवश निर्वाचन नहीं होने पर पद रिक्त रह जाता है तो उसी संवर्ग के व्यक्ति को शासन द्वारा नामित कर रिक्त पद की पूर्ति की जाएगी।
स्थगित हो गए चुनाव
समितियों के चुनाव को स्थगित कर दिया गया है। लेकिन, मतदाता सूची में सदस्यों के नाम शामिल करने का काम चलता रहेगा।
अनूप कुमार द्विवेदी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारी समितियां ललितपुर।