रस्म अदायगी साबित हुआ विशेष स्वच्छता अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। विशेष स्वच्छता और सफाई जागरूकता अभियान का पूरा पखवाड़ा रस्म अदायगी साबित हुआ है। जिन कंधों पर अभियान को सफल बनाने का जिम्मा था, उन्हें पखवाड़े के दौरान एक सेमीनार में बुला लिया गया। इसके बाद तो अभियान गति पकड़ ही नहीं सका।
शासन ने 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक विशेष स्वच्छता व सफाई अभियान चलाया। पंद्रह सितंबर को इसकी औपचारिक घोषणा की गई। इसमें 17 सितंबर को सेवा दिवस, चौबीस सितंबर को नागरिकों के सहयोग से सफाई कार्य, 25 सितंबर को सर्वत्र स्वच्छता, एक अक्तूबर को श्रेेष्ठ स्वच्छता का आयोजन रखा गया था। इसी दौरान लखनऊ में स्वच्छता को लेकर एक सेमीनार आयोजित कर लिया गया। इस आयोजन में अधिशासी अधिकारी, सफाई निरीक्षक, अवर अभियंता सहित कई कर्मी शामिल हुए थे। नतीजा यह हुआ कि अभियान से न तो स्वयंसेवी संगठन जुड़ सके और न ही जनमानस जागरूक हो सका। पखवाड़े के अंतिम दिनों में अधिकारियों ने झाड़ू पकड़कर अभियान को जिंदा करने की कोशिश की। कुल मिलाकर पूरा पखवाड़ा औपचारिकता में निपट गया। आज भी नगर में जगह-जगह गंदगी देखी जा सकती है। चाहे वह पार्क या शौचालय क्यों न हों। यही हाल आइकोनिक स्थलों का भी है। अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने दो अक्तूबर के बाद स्थिति में सुधार होने का भरोसा दिया था जो वर्तमान में अवकाश पर है।
भाजपा नेताओं की हुई थी किरकिरी
दो अक्तूबर को भाजपा ने स्थानीय लोगों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के मकसद से मेराथन का आयोजन किया था। इसी दिन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा सहित भाजपा कार्यालय के पास गंदगी फैली मिली थी। यदि नगर पालिका परिषद ने स्वच्छता पखवाड़ा ठीक से मनाया होता तो भाजपाइयों को किरकिरी नहीं झेलनी पड़ती।
अधिकारियों ने थामी थी झाड़ू
सितंबर माह के दौरान लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में व्यस्तता रही। लेकिन, ललितपुर आते ही विशेष स्वच्छता अभियान पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू थामी। लगातार सफाई पर नजर रखी जा रही है।
अनिल कुमार अरुण, प्रभारी अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।