आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, ठेका निरस्त
ललितपुर। दस जून से नगर पालिका कार्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी मांगें मान लिए जाने पर आंदोलन खत्म कर दिया है। स्थाई सफाई कर्मचारियों के भी आंदोलन में शामिल हो जाने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी। नगर पालिका ने मांगों को जायज बताते हुए सफाई ठेकेदार का ठेका निरस्त कर दिया है। अब मानदेय समेत नई टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल की स्वीकृति पर अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने ठेका निरस्त कर दिया है। नगर पालिका में स्थाई कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग आउटसोर्सिंग के माध्यम से जरूरत के अनुसार कर्मचारियों से काम ले रहा था। इसके लिए निजी संस्था को ठेका दिया जाता है, तो विभाग की मांग के अनुसार कर्मी उपलब्ध कराए। नगर पालिका ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए बीते माह ठेका किया था। इसमें लगभग 140 सफाई कर्मचारियों, बिजली व्यवस्था के लिए 22 सीढ़ी चालक, व सात कंप्यूटर ऑपरेटर कर्मियों के लिए ठेका किया था, तो शासन से निर्धारित किए गए मानदेय से काफी कम दरों पर किया गया था। उक्त ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को पूर्व में मिलने वाले मानदेय से भी काफी कम मानदेय दिए जाने की बात कही गई थी, जिससे क्षुब्द होकर विभाग में तैनात समस्त आउटसोर्सिंग कर्मचारी विगत 10 जून से नगर पालिका कार्यालय परिसर के बाहर उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले हड़ताल पर बैठ गए थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी उक्त ठेके को निरस्त किया जाएं और ऐसे व्यक्ति को ठेका दिया जाए तो उन्हें शासन से निर्धारित मानदेय पर कार्य कराए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का नगर पालिका के स्थाई कर्मियों और अधिकारियों ने, पार्षदों व जनपद के विभिन्न संगठनों से समर्थन किया था और 16 जून से नगर पालिका के समस्त स्थाई सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए थे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने अर्धनग्न प्रदर्शन भी किया था।
आउटसोर्सिंग के भरोसे है सफाई व्यवस्था
शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के भरोसे चल रही है। यही कारण है कि जब भी आउट सोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर जाती है। जबकि, नगर पालिका में आउट सोर्सिंग कर्मचारियों से ज्यादा संख्या स्थाई व संविदा सफाई कर्मचारियों की है। आउट सोर्सिंग के माध्यम से लगभग 150 कर्मचारियों से काम लिया जाता है, जबकि नगर पालिका के पास अपने कुल 221 सफाई कर्मचारी है, इनमें 82 स्थाई व अन्य संविदा कर्मचारी हैं। हकीकत यह है कि नगर पालिका के स्थाई व संविदा सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम नहीं करते हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक कर्मचारी कार्यालय में संबद्ध हैं। इसके अलावा अधिकतर कर्मचारी ऐसे हैं तो वेतन नगर पालिका का पाते हैं और सेवाएं कहीं और दे रहे हैं। यही वजह है कि शहर की सफाई व्यवस्था मूल रूप से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के ही भरोसे पर है।
दोबारा होगा ठेका
वर्तमान में कर्मचारियों की मांग को जायज मानते हुए ठेका निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही ठेका प्रक्रिया दोबारा की जाएगी। इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता है कि आउट सोर्सिंग कर्मचारी हमारे विभाग का अधिक सहयोग करते हैं।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।
जायज थी मांग
प्रदर्शन कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांग जायज थी, इसलिए ठेका को निरस्त कर दिया जाएगा। दोबारा जो ठेका होगा उसमें शासन से निर्धारित दरों का ध्यान दिया जाएगा।
- सुभाष जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका ललितपुर।