ललितपुर। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए अब ई फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से बनवाना जरूरी हो गया है। इसके तहत जनपद में अब तक दो लाख साठ हजार लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख 29 हजार ई फार्मर रजिस्ट्री करा ली गई है और विभाग के माध्यम से इनकी फार्मर आईडी भी बना दी गई है।
जिले में कृषि विभाग में दो लाख साठ हजार 174 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकांश किसान कृषि संबंधी विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। लेकिन अब किसानों को शासन के नए नियम के तहत अपनी जमीनों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी है। यह ई फार्मर रजिस्ट्री कराने पर किसानों को विभाग द्वारा फार्मर आईडी बनाकर दी जाएगी। यानि किसानों की जमीन की ई-फार्मर रजिस्ट्री आधार कार्ड जैसा काम करेगी और अब किसानों को इसके जरिए ही कृषि विभाग से संबंधित अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।
यहां तक कि भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि या अन्य कृषि यंत्रों का वितरण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ भी उसी किसान को मिलेगा जिसने ई फार्मर रजिस्ट्री कराई होगी। जिले में संचालित 448 सीएससी केंद्रों पर ई-फार्मर रजिस्ट्री की जा रही हैं। ललितपुर तहसील में 78,776 किसान, महरौनी तहसील के अंतर्गत 52,376 किसान, पाली तहसील में 35,501 किसान, तालबेहट में 63,013 व मड़ावरा तहसील के अंतर्गत 30,508 किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। इसके अंतर्गत जनपद में अब तक कुल एक लाख 29 हजार 268 किसानों ने ही विभिन्न सीएससी केंद्रों के माध्यम से ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई गई है।
वर्जन
ई-फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए किसी भी कृषि योजना के लिए भविष्य में जरूरी हो सकती है। किसानों को ई-फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए जमीन की नकल, आधार व मोबाइल नंबर होना चाहिए और आधार व मोबाइल लिंक भी होना जरूरी है। -राजीव कुमार भारती, प्रभारी उपनिदेशक कृषि