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भलाई व कर्जमाफी के नाम पर किसानों की हो रही बेइज्जती

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कर्जमाफी के नाम पर किसानों की हो रही बेइज्जती
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किसान संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने किसानों की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया, जिसमें बताया गया कि किसान नेताओं ने किसानों की भलाई के नाम पर देश में हल्ला हो रहा है, कर्जमाफी के नाम पर किसानों की सहायता कम बेइज्जती ज्यादा हो रही है। किसान नेताओं ने सीधे किसान के खाते में रकबे के हिसाब से पैसे दिलाने की मांग की है। किसानों की इस प्रकार की समस्याओं के समाधान की दिशा में कुछ प्रांतों में पहल की गई है।
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भारतीय किसान संघ द्वारा जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया गया है कि किसानों की भलाई के नाम पर देश में हल्ला हो रहा है और कर्ज माफी के नाम पर किसानों की सहायता कम बेइज्जती ज्यादा हो रही है। देश को खिलाने वाला किसान अपने अनाज के लिए अभी तक लाभकारी मूल्य न पा सका। कर्जमाफी किसानों की समस्याओं का संपूर्ण समाधान नहीं है। यह भारतीय किसान संघ की मान्यता है। सारी कठिनाईयों के बाद नब्बे प्रतिशत के करीब अपने कर्ज का भुगतान कर रहे हैं। कर्ज का भुगतान करना कोई पाप या गुनाह नहीं है। न ही जो सारे किसान इतनी परेशानियों के बाद कर्ज भुगतान कर रहे हैं, उनके लिए सरकार से क्या मिला है। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य सरकारें आदान यानि एक मुश्त समाधान सहायता के नाम पर सीधे किसान के खाते में रकबे के हिसाब से पैसे दे, जो किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। इस दिशा में एक या दो प्रांतों ने पहल की है। उन्होंने इसी प्रकार किसानों की सहायता की मांग की है। ज्ञापन पर प्रांतीय उपाध्यक्ष केहर सिंह बुंदेला, जिला मंत्री बाबूलाल दुबे, प्रतिपाल, शिशुपाल सिंह, हरपाल सिंह प्रजापति, मुलू, गंधर्व सिंह, लल्लूराम शर्मा, रामपाल सिंह, नवीन जैन, राजबहादुर सिंह, नवनीत शर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं।
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