कहीं अतिरिक्त तो कहीं शिक्षकों का टोटा
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम स्कूल विभागीय उपेक्षा के शिकार हैं। कहीं जरूरत से ज्यादा तो कहीं शिक्षक की कमी पूरी नहीं हो पाई है। इससे इन स्कूलों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों के छात्रों के सामने खड़े नहीं हो पा रहे हैं।
जिले में तीन दर्जन से ज्यादा स्कूल संचालित हो रहे हैं लेकिन इन स्कूलों की अभी तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। कई स्कूलों में स्वीकृत पद के सापेक्ष स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है तो कई स्कूलों में अतिरिक्त स्टाफ हो गया है। कुछ स्कूल तो ऐसे हैं जिनमें से हिंदी माध्यम के शिक्षकों को अभी तक हटाया नहीं गया है, ऐसी स्थिति में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक काम कर रहे हैं। उधर, ब्लाक तालबेहट अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय जामुनझोरा के सहायक अध्यापक अमित सिंह राठौर ने बीएसए को दिए एक शिकायती पत्र में बताया कि यह विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने लगा है। यहां चार नवीन सहायक अध्यापकों की नियुक्ति हो गई है और पूर्व के तैनात शिक्षक भी डटे हुए हैं। जिस कारण यहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक तैनात हो गए हैं। आरोप है कि उन्हें अभी तक अन्य जगह नहीं भेजा गया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय हनौता या कुरमाई में भेजे जाने की मांग की है। यह जिले का अकेला विद्यालय नहीं है, इस तरह से कई विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक डटे हुए हैं, जिन्हें हटाया नहीं जा रहा है। जिससे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षण कार्य परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
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मुख्यालय के पास के स्कूलों में शिक्षकों की भरमार
जनपद एवं ब्लाक के मुख्यालय के दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है। यही नहीं, दूरदराज के तमाम शिक्षकों को निकटवर्ती स्कूलों में अस्थाई ड्यूटी दे रखी है। इससे शिक्षकों की तैनाती में विसंगति खड़ी हो गई है।
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शीघ्र होगी कार्रवाई
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सामान्य शिक्षकों की तैनाती का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसे स्कूल हैं तो उन्हें चिह्नित कर वहां से शिक्षकों को हटाया जाएगा।
मायाराम
बीएसए