अमरूद के 15 बगीचे तो औषधीय खेती के लिए 55 हेक्टेयर का लक्ष्य
ललितपुर। डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला औद्यानिक मिशन समिति, राष्ट्रीय औषधीय पौध मिशन योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने जिला औद्यानिक मिशन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना में इस साल नए उद्यान लगाने के लिए अमरूद का भौतिक लक्ष्य 15 है। इसमें ऑनलाइन पंजीकृत कृषकों को उपलब्ध लक्ष्यानुसार ‘‘पहले आओ, पहले पाओ’’ के आधार पर डीबीटी के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा। इसी प्रकार पुष्प क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत जूल फ्लावर गेंदा की खेती में विभाग को 2.00 हेक्टेयर का लक्ष्य सामान्य कृषकों के लिए और इतना ही लक्ष्य लघु व सीमांत कृषकों के लिए है। मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम में कृषकों को उच्च गुणवत्ता, प्रजाति का लहसुन एवं प्याज बीज प्रति कृषक अधिकतम 0.2 हेक्टेयर तक ‘‘पहले आओ, पहले पाओ’’ के आधार पर और मात्रानुसार कृषि निवेश के रूप में वितरण कर लाभान्वित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत बताया गया कि विभाग को 86 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य माइक्रो स्प्रिंकलर सैट के लिए और इतना ही मिनी माइक्रो स्प्रिंकलर सैट के लिए मिला है जनपद के कृषक इन सेट के लिए इच्छुक नहीं हैं, इस कारण इस लक्ष्य को पोर्टेबिल स्प्रिंकलर सैट 90 एमएम में परिवर्तित कराया जाना प्रस्तावित है। इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रीय औषधीय पौध मिशन के बारे में उपस्थित अधिकारियों को बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत कृषकों के लिए पांच हेक्टेयर सर्पगंधा, 30 हेक्टेयर तुलसी, दस हेक्टेयर एलोवेरा और अश्वगंधा की औषधीय खेती का लक्ष्य मिला है। उपरोक्त विभिन्न योजनाओं में निदेशालय द्वारा चिह्नित फर्मों से क्रय निवेशों की गुणवत्ता और स्टाक सत्यापन हेतु एक जनपद स्तरीय समिति का गठन किया जाना है, जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र के एक वैज्ञानिक, जनपद स्तरीय दो अधिकारी एवं एक प्रगतिशील कृषक गोविंद सिंह पुत्र उदयराज को नामित किया जाना है। जनपद स्तरीय समिति द्वारा क्रय निवेशों की गुणवत्ता व स्टॉक सत्यापन उपरांत ही कृषकों को वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु जिसे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे पूरी गंभीरतापूर्वक निभाएं। किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना शासन की प्राथमिकता में हैं। इसके लिए इन योजनाओं का ठीक ढंग से क्रियान्वयन करवाएं।