एनक्यूएएस की कसौटी पर कसा जा रहा अस्पताल
प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर मिलेंगे हर साल छह लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
कायाकल्प अवार्ड योजना में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जिला महिला चिकित्सालय को एनक्यूएएस (नेशनल क्वॉलिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) की कसौटी पर कसा जा रहा है। इसके लिए निरीक्षण की शुरुआत हो चुकी है। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा है तो शीघ्र ही महिला अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाएगा।
जिला महिला अस्पताल बेहतर सुविधाओं के आधार पर एक के बाद एक प्रमाण पत्र हासिल कर रही है। प्रदेश के कायाकल्प अवार्ड योजना में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है। अब एनक्यूएएस प्रमाण पत्र की दौड़ में शामिल हो चुकी है। बीते दिनों एनक्यूएएस की टीम ने जिला महिला अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का गहन अध्ययन किया। एनक्यूएएस की टीम ने जिला महिला अस्पताल में निरीक्षण किया। इसमें उन्होंने अस्ताल में साफ-सफाई व्यवस्था परखी थी। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल में प्राप्त हो रही सुविधाओं के संबंध में बातचीत की थी। वहीं, बायोमेडीकल वेेस्ट के बारे में जांच की थी। इसके अलावा मरीजों को होने वाले इन्फेक्शन को भी जाना। अब जिला महिला अस्पताल प्रबंधन निरीक्षण के दौरान सामने आ गई कमियों को दूर करने में लगा है। इससे कि इस प्रमाण पत्र को हासिल किया जा सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस टीम का अगला निरीक्षण जल्द होने वाला है। पिछले निरीक्षण में चिकित्सक की कमी आड़े आ गई थी। इससे प्रमाण पत्र हाथ में आते फिसल गया था। देश में अब तक बीस अस्पतालों को यह प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। इसमें उत्तर प्रदेश के तीन अस्पतालों को यह सर्टीफिकेट प्राप्त हो चुके हैं। जिला महिला अस्पताल में साठ बेड हैं। यह प्रमाण पत्र मिलने से जिला महिला अस्पताल को प्रतिवर्ष अब छह लाख रुपये की राशि भारत सरकार से प्राप्त होगी।
इन अस्पतालों को मिल चुका प्रमाण पत्र
प्रदेेश में अब तक कुल तीन अस्पतालों को एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिला है, जिसमें लखनऊ के अवंतीबाई महिला अस्पताल के साथ ही इटावा के जिला अस्पताल पुुरुष व गाजियाबाद के जिला अस्पताल को एनक्यएएस का प्रमाण पत्र मिल चुका है।
क्या है एनक्यूएएस प्रमाणपत्र
भारत सरकार ने देशभर के अस्पतालों में मरीजों से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एनक्यूएएस बनाया है। यह प्रमाण पत्र अस्पताल की गुणवत्ता व मानकों ंपर खरा उतरने वाले अस्पतालों को मिलता है। इस प्रमाण पत्र मिलने वाले अस्पताल को प्रति बेड के हिसाब से दस हजार रुपये प्रतिवर्ष भारत सरकार की ओर से दिया जाता है।
अगले निरीक्षण का इंतजार
एनक्यूएएस टीम के अगले निरीक्षण का इंतजार है। इस टीम के दो निरीक्षण के उपरांत प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है।
डा. हरेंद्र सिंह चौहान, सीएमएस