क्षतिग्रस्त पुल से वार्ड के हाल बेहाल
गलियों में बह रहा क्षतिग्रस्त नालियों का गंदा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
वार्ड नंबर तेरह घुसयाना स्थित ब्याने नाले का क्षतिग्रस्त पुल मुहल्लेवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। क्षेत्रीय महिला-पुरूषों को पुल के अभाव में बीच नाले के पानी में होकर निकलना पड़ रहा है। वहीं, बिजली के खंभों व पक्की नालियों की कमी भी खल रही है। इन हालात में वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैल रही है।
शहर के किनारे बसे वार्ड घुसयाना में वर्षों पहले बारिश के पानी के दबाव में ब्याने नाले का पुल बह गया था, तब से इस क्षतिग्रस्त पुल की सुध अभी तक नहीं ली गई है। वर्तमान में क्षतिग्रस्त पुल पर चहुंओर गंदगी फैल रही है। यही नहीं, ब्याना नाले के किनारे गंदगी एकत्रित हो रही है। वार्ड में कई क्षतिग्रस्त पुलियों और नालियों का गंदा पानी जहां-तहां बह रहा है। कई स्थानों पर पेवर ब्रिक्स या तो ऊंचे-नीचे हो गए हैं या फिर जमीन में समा गए हैं। जीडी मेमोरियल इंटर कालेज के पास क्षतिग्रस्त पुलिया छात्र-छात्राओं के लिए खतरनाक साबित हो रही है। इस सड़क के हाल भी ठीक नहीं हैं। कई लोगों ने ब्याने नाले की खाली जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। इसी क्षेत्र में गलियों में बिजली के खंभों की कमी बनी हुई है। इससे गलियों में बिजली के तार यूं ही लटक रहे हैं। वहीं, पुराने पार्षद के घर के पास ही गंदगी एकत्रित हो रही है। वहीं, ब्याना नाले के क्षतिग्रस्त पुल ने रास्ते को बाधित कर दिया है। मुहल्लेवासी एक तरफ से दूसरी तरफ नहीं पहुंच पा रहे हैं। कुछ हिम्मत जुटाकर नाले में बह रहे पानी के बीच से होकर निकलते हैं। इसमें कई बार छोटे बच्चे गिर पड़ते हैं। कब्रिस्तान के सामने नाली क्षतिग्रस्त पड़ी है तो तिराहे पर गंदे पानी का भराव हो रहा है।
सड़क पर बह रहा नाली का पानी
दो साल से नाली की पुलिया चोक पड़ी है। अमृत योजना के तहत बिछाई पाइप लाइन परेशानी का सबब बन गई है। न तो नालियां ठीक से साफ हो रही हैं और न ही पुलिया से पानी की निकासी हो पा रही है। नाली का गंदा पानी सड़क से होकर बह रहा है। कई बार शिकायत की गई लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो सका है।
रामकुमार
पुल की मरम्मत के अभाव में हो रहे परेशान
ब्याने नाले पर नगर पालिका परिषद ने पुल बनाया था, जो पानी के तेज बहाव में बह गया था। तब से लेकर अभी तक उसी हाल में पड़ा है। जिस कारण स्थानीय लोगों को नाले के बह रहे पानी के बीच में से होकर निकलना पड़ता है। महिलाएं व बच्चे कई बार इसमें लड़खड़ाकर गिर चुके हैं। इसके बाद भी पुल की कोई मरम्मत कराने के लिए आगे नहीं आता है।
रामप्यारी
आश्वासन देकर हथिया लेते हैं वोट
जब नगर पालिका परिषद के चुनाव होते हैं तो उम्मीदवार आश्वासन लेकर वोट हथिया लेते हैं। चुनाव जीतने के बाद भी कोई पलटकर नहीं देखता है। यही वजह है कि आज भी आवाजाही की
समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
गुड्डी राजा
जाम से निजात दिलाता था पुल
जिस समय ब्याने नाले के मुख्य पुल पर जाम लग जाता था तब लोग घुसयाना के पुल से होकर गतंव्य की ओर निकल जाते थे। जिससे सड़क पर वाहनों का दवाब कम हो जाता था। जब से यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ है तब से वाहनों का जाम मुख्य पुल पर आए दिन लग जाता है।
धनुष राजा
व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कराना भूली नपा
नगर पालिका व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कराना शायद भूल गई है। स्थानीय परिवारों ने आवेदन किए हैं लेकिन उनके लिए धनराशि मुहैया नहीं कराई जा रही है। वहीं, सार्वजनिक शौचालयों की कमी भी महसूस की जा रही है। इसके अलावा पिसनारी में सड़क व कब्रिस्तान के पास क्षतिग्रस्त नाली का पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। जिस पर नगर पालिका का ध्यान नहीं है।
दुर्गा प्रसाद कुशवाहा
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सरकारी स्कूल का अभाव
वार्ड को पिछड़े लोगों का बाहुल्य माना जाता है। इसके बाद भी यहां प्राइमरी व जूनियर सरकारी स्कूल की स्थापना नहीं हो पाई है। कुछ सड़क, नाली भी खराब हैं। जिनका निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव बनवाए जा रहे हैं।
कुंजलता कुशवाहा
सभासद, वार्ड नंबर तेरह घुसयाना