गुरयाना में आवारा कुत्तों का आतंक, दो मासूमों को काटा
ललितपुर। थाना नाराहट के ग्राम गुरयाना में आवारा कुत्तों का आतंक फैला हुआ है। सोमवार को एक साथ दो मासूमों को काटकर लहूलुहान कर दिया। जिस पर परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर उनका इलाज कराया। पिछले एक सप्ताह में आवारा कुत्तों ने कई मासूमों को काटकर घायल किया है। इससे क्षेत्र में उनका भय बना हुआ है।
थाना नाराहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुरयाना निवासी पांच वर्षीय संस्कार व तीन वर्षीय कान्हा सोमवार को गांव की गलियों में खेल रहे थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और दोनों के पैरों में काटकर लहुलुहान कर दिया। उनके चीखने चिल्लाने पर पड़ोसियों व परिजनों ने किसी प्रकार कुत्ते को वहां से भगाया और बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दोनों मासूमों का इलाज किया। संस्कार के पिता महेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में करीब एक सप्ताह से कुत्तों का आतंक बना हुआ है। इससे पहले भी करीब पांच बच्चों को कुत्ते काट चुके हैं।
डेढ़ माह पहले भी आधा दर्जन पशुओं की कुत्तों की काटने से हुई थी मौत
ललितपुर। गुरयाना में डेढ़ माह पूर्व भी दो कुत्ते पागल हो गए थे और करीब आधा दर्जन पशुओं व भैंस के बछड़ों को काट लिया था, जिसके चलते उक्त सभी पशुओं की मौत हो गई थी। जबकि उसी दौरान उन कुत्तों ने एक महिला व एक पुरुष को भी काटकर घायल कर दिया था। उनका इलाज कराया जा रहा है। वहीं, परेशान ग्रामीणों ने किसी प्रकार उन पागल कुत्तों को गांव से खदेड़कर निकाल दिया है। इसके बाद अब गांव में फिर से एक और कुत्ता पागल हो गया है, जिसने गांव में आतंक मचा रखा है। सोमवार को दो मासूमों को काटकर लहूलुहान कर दिया।
तीन माह में 600 मरीजों को लग चुके 1800 एंटीरेबीज के इंजेक्शन
जिला अस्पताल में एक दिन में लगभग बीस ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जो कुत्तों या अन्य जानवरों के काटने से घायल हो जाते हैं। पिछले तीन महीने में जिला चिकित्सालय में 600 मरीजों को एंटीरेबीज के लगभग 1800 इंजेक्शन लग चुके हैं। जिले में हर दिन कुत्तों व अन्य जानवरों के काटने से कई लोग घायल हो जाते हैं। एक मरीज को जानवरों के काटने से तीन इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
कुत्तों के काटने पर तत्काल एंटीरेबीज का इंजेक्शन लगवाना चाहिए। यह बीमारी जानवरों के काटने पर 10-15 दिन या फिर 10 से 15 साल बाद भी हो जाती है, जो सौ फीसदी जानलेवा होती है। इसका इलाज एंटीरेबीज इंजेक्शन लगवाना ही है।
डॉ. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन।